पंडित के बाद मोदी का लंबा कार्यकाल, हिंदू-मुस्लिम करना जनसेवा और यही कर्तव्य की राह पर अटल संकल्प

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज स्वतंत्र भारत के इतिहास में एक नया कीर्तिमान स्थापित कर चुके हैं। 26 मई 2014 को पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद आज उन्होंने लगातार 4,399 दिन पूरे कर लिए, जो भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के 4,398 दिनों के निर्वाचित प्रधानमंत्री के रिकॉर्ड को पार कर गया है। यह उपलब्धि लोकतंत्र की मजबूती और जनता के विश्वास का प्रतीक बनकर उभरी है।

इस ऐतिहासिक मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने जनसेवा को अच्छे शासन का सबसे बड़ा पैमाना बताते हुए संदेश दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “जनसेवा ही अच्छे शासन का सबसे बड़ा मापदंड है। केवल वही व्यक्ति जो विनम्रता, समर्पण और कर्तव्यबोध के साथ अथक परिश्रम करता है, वह जनता का विश्वास अर्जित कर सकता है।” मोदी ने एक संस्कृत श्लोक का भी उल्लेख किया, जिसमें कहा गया है कि प्रजा के कल्याण में तत्पर और विनम्र आत्मा वाला राजा ही सर्वोच्च गौरव प्राप्त करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि शासक को सदैव नागरिकों के हित में समर्पित रहना चाहिए। यह बयान उनके शासन शैली का सार प्रस्तुत करता है, जिसमें विकास, कल्याण और राष्ट्र-प्रथम की भावना प्रमुख रही है।

12 वर्षों का सफर: उपलब्धियां और परिवर्तन

मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के साथ कई योजनाएं जन-जन तक पहुंचीं, जिनमें जनधन खाते, स्वच्छ भारत अभियान, आयुष्मान भारत स्वास्थ्य कवरेज, मुफ्त राशन योजना (80 करोड़ से अधिक लाभार्थी), बुनियादी ढांचे का विस्तार (एयरपोर्ट्स की संख्या 74 से 160+), और जीडीपी को दोगुना करने जैसी उपलब्धियां शामिल हैं। समर्थक इन योजनाओं को गरीबों के सशक्तिकरण और भारत की वैश्विक पहचान मजबूत करने वाला बताते हैं।

इस मौके पर भाजपा और एनडीए नेताओं ने बधाई संदेशों की बौछार कर दी। गृह मंत्री अमित शाह ने इसे “भारत के गौरव की बहाली, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और गुलामी की मानसिकता से मुक्ति” का दौर बताया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मोदी ने न केवल योजनाएं दीं बल्कि एक स्पष्ट विजन और आत्मविश्वास भरा राष्ट्र-संकल्प दिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें “अथक कर्मयोगी” करार दिया।

अंतरराष्ट्रीय बधाईयां

दुनिया भर के नेता भी इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दे रहे हैं। मलेशिया के प्रधानमंत्री आनवर इब्राहिम ने कहा, “यह उपलब्धि उनके समर्पित सार्वजनिक सेवा और नेतृत्व की गवाही देती है, जिसने भारत के विकास, समृद्धि और वैश्विक स्थान को आगे बढ़ाया है।” अमेरिका के राजदूत ने भी उनकी दशकों लंबी सेवा की सराहना की।

ऐतिहासिक संदर्भ

पंडित जवाहरलाल नेहरू 1952 के पहले आम चुनाव के बाद से लगातार 4,398 दिन प्रधानमंत्री रहे थे। मोदी का यह रिकॉर्ड निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में है (1947-52 का अंतरिम काल अलग माना जाता है)। इससे पहले मोदी ने इंदिरा गांधी का रिकॉर्ड भी पार किया था। कुल सत्ता में रहने के दिनों में (गुजरात सीएम + पीएम) उन्होंने मार्च 2026 में सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया था। विपक्षी दलों की ओर से कुछ आलोचनाएं भी आई हैं, लेकिन इस उपलब्धि को भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं और जन-समर्थन का प्रमाण माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी का यह सफर ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के मंत्र पर चलते हुए जारी है। 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य अब और मजबूती से आगे बढ़ रहा है। यह न केवल एक व्यक्ति का व्यक्तिगत गौरव है, बल्कि एक स्थिर, जन-केंद्रित और प्रगतिशील भारत की कहानी है। देश इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देता है और आशा करता है कि उनका नेतृत्व आगे भी राष्ट्र को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

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