यीडा की, 90वीं बोर्ड बैठक में ऐतिहासिक फैसले, कॉर्पस फंड बना, फिल्म सिटी को हरी झंडी, किसानों को 3050 करोड़ का मुआवजा

पूंजीगत प्राप्तियों में 43% की छलांग, जेवर एयरपोर्ट क्षेत्र में 8000 हेक्टेयर का नया इंडस्ट्रियल नोड भी मंजूर

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की 90वीं बोर्ड बैठक सोमवार को एक महत्त्वपूर्ण मोड़ साबित हुई। प्राधिकरण के सभाकक्ष में अपर मुख्य सचिव औद्योगिक विकास एवं यीडा अध्यक्ष आलोक कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं सदस्य सचिव राकेश कुमार सिंह ने विभिन्न विभागों से जुड़े एजेंडा बिंदु बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किए। बैठक में औद्योगिक विकास, आधारभूत संरचना, निवेश, फिल्म सिटी, हैरिटेज सिटी और किसान हित से जुड़े अनेक महत्त्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई।

राजस्व में ऐतिहासिक उछाल — 43 प्रतिशत की बढ़ोतरी

बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में 31 मई 2026 तक प्राधिकरण की पूंजीगत प्राप्तियां 745.85 करोड़ रुपये रहीं, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 43 प्रतिशत अधिक हैं। यीडा के इतिहास में यह वृद्धि दर असाधारण मानी जा रही है और इसे क्षेत्र में तेजी से बढ़ते निवेश तथा औद्योगिक विस्तार का प्रमाण बताया गया।

कॉर्पस फंड का गठन — बुनियादी ढांचे की देखभाल का स्थायी इंतजाम

बैठक का सबसे महत्त्वपूर्ण निर्णय था कॉर्पस फंड का गठन। प्राधिकरण क्षेत्र में सड़कों, पेयजल, सीवर, विद्युत और उद्यान जैसी आधारभूत संरचनाओं के रखरखाव के लिए कॉर्पस फंड बनाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए एसबीआई बैंक में विशेष खाता खोला जाएगा, जिसमें लीज रेंट, अंतरण शुल्क, एफएआर शुल्क, रेस्टोरेशन चार्ज और अन्य राजस्व स्रोतों से प्राप्त धनराशि जमा की जाएगी। इस कदम से यीडा क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं का दीर्घकालिक और सुचारू रखरखाव सुनिश्चित हो सकेगा।

एस्कॉर्ट्स कुबोटा और इंडिया चिप को लीज डीड — बड़े उद्योगों को मिली रफ्तार

बैठक में Escorts Kubota Limited और India Chip Pvt. Ltd. जैसी बड़ी औद्योगिक इकाइयों के लीज डीड प्रारूपों को अंतिम रूप दिया गया।  इसके साथ ही अपैरल पार्क, टॉय पार्क, एमएसएमई पार्क और मेडिकल डिवाइस पार्क सहित विभिन्न औद्योगिक पार्कों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। यीडा द्वारा आवंटित 3175 औद्योगिक भूखंडों में से 2495 की लीज डीड निष्पादित हो चुकी है। बोर्ड ने 154 आवंटियों को लीज डीड निष्पादन के लिए 30 दिन का निःशुल्क समय विस्तार देने का निर्णय लिया, जबकि शेष आवंटियों को अंतिम अवसर प्रदान किया गया। 

हैरिटेज सिटी और फिल्म सिटी — सांस्कृतिक व मनोरंजन पर्यटन को बड़ा बढ़ावा

हैरिटेज सिटी परियोजना को लेकर मथुरा क्षेत्र में प्रस्तावित इस परियोजना के लिए संशोधित बिड दस्तावेज को उत्तर प्रदेश शासन की PPPBEC समिति के समक्ष अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया जाएगा। मथुरा में प्रस्तावित यह हैरिटेज सिटी ब्रजभूमि की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दिलाने में सहायक होगी।फिल्म सिटी परियोजना के संबंध में Bayview Projects LLP के प्रतिनिधियों ने बोर्ड के समक्ष अपनी कार्ययोजना प्रस्तुत की। उत्तर प्रदेश में मुंबई की तर्ज पर फिल्म सिटी बनाने का यह स्वप्न अब साकार होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

टप्पल-बाजना में 8000 हेक्टेयर का नया इंडस्ट्रियल नोड

बैठक में टप्पल-बाजना अर्बन सेंटर के आसपास लगभग 8000 हेक्टेयर क्षेत्र को इंडस्ट्रियल नोड के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया। इससे अलीगढ़, जेवर एयरपोर्ट और डिफेंस कॉरिडोर के बीच बेहतर कनेक्टिविटी विकसित होगी। यह निर्णय पश्चिमी उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख औद्योगिक हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

किसानों को राहत — 3050 करोड़ रुपये का अतिरिक्त मुआवजा वितरित

किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए बताया गया कि वर्ष 2014-15 से मई 2026 तक किसानों को 3050 करोड़ रुपये अतिरिक्त प्रतिकर के रूप में वितरित किए जा चुके हैं। साथ ही 7 प्रतिशत आबादी भूखंड आवंटन और भूमि चिन्हांकन से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। 

होंडा इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से ट्रैफिक पार्क

जेवर क्षेत्र में Honda India Foundation के सहयोग से ट्रैफिक पार्क एवं प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने को मंजूरी दी गई। यह परियोजना सीएसआर फंड से विकसित होगी। यह केंद्र सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने और युवाओं को यातायात नियमों की शिक्षा देने में अहम भूमिका निभाएगा।

सेक्टर 8 सहित कई सेक्टरों का आंतरिक विकास कार्य ईपीसी मोड पर

बैठक में सेक्टर 8, 8A, 8B, 8C, 8D, 8E और 8F के आंतरिक विकास कार्यों को ईपीसी मोड पर कराने का भी निर्णय लिया गया। इससे इन सेक्टरों में रहने वाले निवासियों और उद्योगों को जल्द ही बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। यीडा की 90वीं बोर्ड बैठक उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और नागरिक विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण रही। कॉर्पस फंड का गठन, फिल्म सिटी को गति, हैरिटेज सिटी की पहल और किसानों को हजारों करोड़ का मुआवजा ये सभी निर्णय मिलकर यमुना एक्सप्रेसवे कॉरिडोर को देश के सबसे गतिशील विकास क्षेत्रों में से एक बनाने की कहानी लिख रहे हैं।

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