दिल्ली में AC फिर बना जानलेवा: न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में भीषण आग, दमकल ने 8 लोगों को बचाया

राजधानी दिल्ली में एक बार फिर एयर कंडीशनर (AC) आग की वजह बन गया। रविवार को न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी के एक आवासीय मकान के अपर ग्राउंड फ्लोर पर AC से लगी आग ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। गनीमत रही कि दिल्ली फायर सर्विस (DFS) की टीम ने तुरंत पहुंचकर आग पर काबू पा लिया और मकान में फंसे 8 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। घटना की सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग अपर ग्राउंड फ्लोर पर लगी थी, जो तेजी से फैलने की आशंका थी। फायर अधिकारियों के अनुसार, AC की खराबी या शॉर्ट सर्किट की वजह से आग भड़की। रेस्क्यू ऑपरेशन में दमकल कर्मियों ने बेहद सतर्कता से काम किया और सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। स्थानीय पुलिस ने भी सहयोग किया।

AC की खराबी बन रही बार-बार आफत

दिल्ली में हाल के दिनों में AC से जुड़ी आग की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। कुछ दिनों पहले विवेक विहार में AC ब्लास्ट से लगी आग में 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें एक डेढ़ साल का बच्चा भी शामिल था। इसी तरह फरीदाबाद और अन्य इलाकों में भी AC कंप्रेसर फटने या शॉर्ट सर्किट से आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पुराने AC, खराब वायरिंग, ओवरलोडिंग और रखरखाव की कमी ऐसी घटनाओं को न्योता दे रही है। गर्मियों में AC का इस्तेमाल बढ़ने के साथ जोखिम भी बढ़ गया है। न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी की इस घटना में मकान में रहने वाले परिवार के सदस्य ऊपरी मंजिलों पर थे। आग की लपटें और धुआं देखकर वे घबरा गए थे, लेकिन दमकल की तेजी से पहुंच ने बड़ा हादसा टाल दिया। एक स्थानीय निवासी ने बताया, “धुआं इतना घना था कि सांस लेना मुश्किल हो रहा था। दमकल वालों ने समय रहते सबको बचाया, वरना नुकसान बहुत बड़ा हो सकता था।”

फायर सेफ्टी पर सवाल

दिल्ली में फायर नॉर्म्स की अनदेखी एक आम समस्या बनी हुई है। कई पुरानी इमारतों में फायर सेफ्टी उपकरण नहीं हैं, वायरिंग पुरानी है और एग्जिट रूट्स ब्लॉक रहते हैं। नवभारत टाइम्स समेत विभिन्न रिपोर्ट्स में बार-बार इस मुद्दे पर चिंता जताई जा चुकी है। दिल्ली फायर सर्विस के एक अधिकारी ने बताया कि जांच चल रही है। प्रारंभिक जांच में AC यूनिट में शॉर्ट सर्किट या गैस लीक की संभावना जताई जा रही है। पुलिस और फायर विभाग आगे की जांच कर रहे हैं।

क्या करें बचाव के लिए?

AC की नियमित सर्विसिंग कराएं।पुराने AC का इस्तेमाल सावधानी से करें। घर में स्मोक डिटेक्टर और फायर एक्सटिंग्विशर रखें। इलेक्ट्रिकल वायरिंग समय-समय पर चेक कराएं। बच्चों और बुजुर्गों को फायर सेफ्टी के बारे में जागरूक करें।यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि छोटी-छोटी लापरवाही कितनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है। दिल्ली सरकार और संबंधित विभागों को फायर सेफ्टी पर सख्ती बढ़ाने की जरूरत है, ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके।

यह भी पढ़ें: प्लास्टिक नोट की दस्तक: क्या बदल जाएगा आपकी जेब का कागज?

यहां से शेयर करें