गौतमबुद्ध नगर पुलिस का बड़ा प्रहार: 340 करोड़ से अधिक अवैध संपत्ति जब्त, 1,037 आरोपियों पर कार्रवाई

गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने संगठित अपराधों और माफिया गिरोहों के विरुद्ध जारी अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में चलाए गए अभियान के दौरान 1 दिसंबर 2022 से 31 मई 2026 तक गैंगस्टर एक्ट और उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के तहत सघन कार्रवाई करते हुए कुल 198 मुकदमे दर्ज किए गए और 1,037 आरोपियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की गयी।

पुलिस कमिश्नरेट द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के अंतर्गत अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों की पहचान कर जब्ती कार्रवाई की गई। इस अवधि में कुल ₹340,41,19,657 (तीन सौ चालीस करोड़ इकतालीस लाख उन्नीस हजार छह सौ सत्तावन) मूल्य की संपत्ति जब्त की गई, जो अपराधियों के आर्थिक नेटवर्क पर एक निर्णायक चोट मानी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि जब्त की गई संपत्तियों में प्लॉट और कृषि भूमि, आवासीय व वाणिज्यिक संपत्तियाँ, नकद, बैंक जमा, वाहनों और अन्य चल-अचल संपत्ति शामिल हैं। प्राथमिक जांच में पाया गया कि ये संपत्तियाँ भूमि कब्जा, अवैध वसूली, धोखाधड़ी, ठगी और अन्य संगठित अपराधों के माध्यम से अर्जित की गई थीं। पुलिस का कहना है कि इन आर्थिक साधनों के स्रोतों को काटने से गिरोहों की क्रियाशीलता कम हुई है और स्थानीय स्तर पर अपराध की प्रवृत्ति पर नियंत्रण में सहूलियत मिली है।

कांस्टेबल से लेकर उच्च अधिकारी स्तर तक भेजी गई विशेष टीमों ने लक्षित रेड और सर्वे कर अवैध संपत्तियों की दस्तावेजी पुष्टि की। वरिष्ठ अधिकारीयों ने बताया कि बड़ी संख्या में आरोपियों के खिलाफ छापेमारी, तफ्तीश और प्रोसीक्यूशन के लिए सबूत एकत्रित किए गए हैं। कई मामलों में सहायक दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्डों के जरिये अपराधियों के आर्थिक लेन-देन का भी पता लगाया गया है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, “हमारा लक्ष्य केवल अपराधियों को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि उनके अवैध आर्थिक साम्राज्य को तहस-नहस करना भी है। जब तक अपराधियों के पास संसाधन होंगे, वे गतिविधियों को दोहरा सकेंगे। इसलिए संपत्तियों की जब्ती और आरोपों के सशक्त साक्ष्यों के साथ न्यायिक प्रक्रिया सुनिश्चित कराई जा रही है।”

पुलिस कमिश्नरेट का दावा है कि लगातार ऐसे अभियान और आर्थिक संपत्तियों पर जुर्माना एवं जब्ती का दबाव कानून का भय पैदा कर रहा है और आम नागरिकों में सुरक्षा के प्रति विश्वास बढ़ा है। स्थानीय व्यापारिक व आवासीय संगठनों ने भी पुलिस की कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि इससे इलाके में दीर्घकालिक शांति और निवेश का वातावरण सुधरेगा। वहीं कुछ सिविल सोसाइटी समूहों ने कहा कि कार्रवाई अच्छी है पर न्यायिक प्रक्रिया पारदर्शी और अलग से पुनर्विचार प्रक्रिया सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि निर्दोषों के संपत्तियों पर अनावश्यक असर न पड़े। उन्होंने त्वरित कानूनी सहायता और अवैध कब्जों के खिलाफ पुनर्वास जैसे उपायों पर भी जोर दिया।

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, जब्त संपत्तियों की वैधानिक कार्यवाही लंबी और जटिल हो सकती है, इसलिए जांच टीमों को मजबूत सबूत और कुशल दस्तावेज़ीकरण पर विशेष ध्यान देना होगा, ताकि जांच और मुकदमों में आरोपों का ठोस समर्थन हो सके। अधिकारियों ने भी कहा कि समुचित रिकॉर्डिंग और फॉरेंसिक ऑडिट के माध्यम से मामले न्यायालय में सफलतापूर्वक पेश किए जा रहे हैं। पुलिस कमिश्नरेट ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी संगठित अपराध, भूमाफिया गतिविधियों और माफिया गिरोहों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी। कर्मचारी मिशन मोड में काम कर रहे हैं और स्थानीय जनता के सहयोग से अपराध मुक्त जनपद बनाने की कोशिश जारी रहेगी।

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