‘V Book’ ऐप की आड़ में करोड़ों की ठगी: नोएडा पुलिस ने दबोचा आंध्र प्रदेश का साइबर गिरोह, चार गिरफ्तार,  मास्टरमाइंड ‘पवन’ की तलाश जारी

सोशल मीडिया पर पैसे दोगुने करने का लालच देकर फंसाते थे शिकार, ‘लक्ष्मी ट्रेडर्स’ के बैंक खाते में मिले 2.4 करोड़ के संदिग्ध ट्रांजेक्शन

साइबर अपराध की दुनिया में एक नया और चौंकाने वाला मामला उजागर हुआ है। नोएडा के थाना सेक्टर-113 पुलिस ने गुरुवार को एक बड़े ऑनलाइन बेटिंग गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी ‘V Book’ नामक ऑनलाइन बेटिंग ऐप और वेबसाइट के जरिए लोगों को पैसे दोगुने करने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दे रहे थे। पुलिस ने सेक्टर-79 क्षेत्र में मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर छापेमारी कर इन्हें गिरफ्तार किया।

कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान साई कुमार, पंडाला सतीश, पांडुरंगा और उदयकुमार के रूप में हुई है। सभी आरोपी मूल रूप से दक्षिण भारत के आंध्र प्रदेश के वेस्ट गोदावरी जनपद के रहने वाले हैं और विगत चार से पाँच महीनों से नोएडा के सेक्टर-79 क्षेत्र में किराए पर रहकर यह अवैध कारोबार चला रहे थे। नोएडा की अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी) मनीषा सिंह ने बताया कि नोएडा पुलिस द्वारा लगातार अपराध और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में एसीपी-3 और एसएचओ थाना-113 तथा सोरखा चौकी इंचार्ज व उनकी टीम ने यह कार्रवाई की।

क्या था ठगी का पूरा तरीका?

यह गिरोह एक सुनियोजित और तकनीकी रूप से दक्ष साइबर नेटवर्क के रूप में काम करता था। आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आकर्षक विज्ञापन प्रसारित कर लोगों को पैसे दोगुने करने और अधिक मुनाफा कमाने का लालच देते थे। इसके बाद उन्हें ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइट और उससे जुड़े मोबाइल ऐप पर जोड़कर निवेश के नाम पर रकम ठग ली जाती थी। एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि आरोपी बेटिंग के नाम पर और इन्वेस्टमेंट के नाम पर लोगों के साथ धोखाधड़ी करके करोड़ों रुपये एकत्रित कर रहे थे।

‘लक्ष्मी ट्रेडर्स’ के नाम पर चल रहा था काला कारोबार

इन लोगों ने ‘लक्ष्मी ट्रेडर्स’ नामक एक फर्जी कंपनी बना रखी थी, जिसके बैंक खाते में मई माह में लगभग 2 करोड़ 40 लाख रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन का रिकॉर्ड पाया गया है। पुलिस अब वित्तीय लेन-देन और गिरोह के नेटवर्क की गहन जांच कर रही है। बरामद लैपटॉप और मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच में कई अहम डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं तथा विभिन्न राज्यों के लोगों के साथ साइबर ठगी किए जाने के भी प्रमाण प्राप्त हुए हैं।

बरामदगी: तकनीक का पूरा जखीरा

पुलिस ने इस छापेमारी में आरोपियों के पास से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त किया है। इनके कब्जे से तीन लैपटॉप, 26 मोबाइल फोन, 20 सिम कार्ड, पाँच एटीएम कार्ड, दो पैन कार्ड और तीन वाई-फाई राउटर समेत बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं।  यह सामान बताता है कि गिरोह किस पैमाने पर और कितने संगठित तरीके से काम कर रहा था।

मास्टरमाइंड ‘पवन’ आंध्र प्रदेश से चला रहा था पूरा नेटवर्क

पुलिस जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड नोएडा में नहीं, बल्कि हजारों किलोमीटर दूर बैठकर नेटवर्क संचालित कर रहा था। एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड ‘पवन’ नामक व्यक्ति है जो आंध्र प्रदेश में रहकर पूरे नेटवर्क को दिशा-निर्देश देता था। पवन की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने टीमें रवाना की हैं और उसे जल्द पकड़ने का दावा किया जा रहा है।

मुकदमा दर्ज, न्यायालय में पेश

थाना सेक्टर-113 में आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा संख्या 206/2026 के तहत धारा 111, 318(4) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) तथा 66-डी आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। चारों आरोपियों को माननीय न्यायालय में नियमानुसार प्रस्तुत किया गया है।

नोएडा बनता जा रहा है साइबर ठगी का केंद्र

यह पहला मामला नहीं है जब नोएडा के थाना सेक्टर-113 के अंतर्गत इस तरह के गिरोह का पर्दाफाश हुआ हो। इससे पहले भी नोएडा पुलिस की अपराध नियंत्रण टीम और SWAT टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन सट्टेबाजी और धोखाधड़ी करने वाले गिरोहों का भंडाफोड़ किया है और बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। नोएडा के सेक्टर-75 में भी इससे पहले एक बड़े ऑनलाइन सट्टा गिरोह का पर्दाफाश हुआ था जो MEGAINPLAY.IN नामक वेबसाइट के माध्यम से क्रिकेट मैचों में सट्टा खेलने के लिए उकसाता था।

पुलिस की अपील सावधान रहें

एडीसीपी मनीषा सिंह ने आम जनता से अपील की है कि सोशल मीडिया पर पैसे दोगुने करने, जल्दी अमीर बनने या ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट के नाम पर दिए जाने वाले किसी भी लालच से सावधान रहें। किसी अनजान ऐप या वेबसाइट पर पैसे न लगाएं। यदि कोई इस प्रकार की ठगी का शिकार हो तो तत्काल थाने में या साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।

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