एकतरफे प्यार का दरिंदगी भरा अंजाम, टॉफी के बहाने ले गया, आठ बार पटका, डेढ़ साल के मासूम आरव की हत्या से दहला फिरोजाबाद
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में एक ऐसी वारदात सामने आई है जिसने पूरे सूबे की अंतरात्मा को झकझोर दिया है। शिकोहाबाद में एकतरफे प्यार में आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक ने महज डेढ़ वर्षीय मासूम बच्चे आरव को सड़क पर पटक-पटककर मौत के घाट उतार दिया। यह घटना न केवल किसी दिल को दहलाने वाली बर्बरता की मिसाल है, बल्कि यह समाज को एकतरफे जुनून और विकृत मानसिकता के खतरे के प्रति भी आगाह करती है।
पोस्टमार्टम में उघड़ी दरिंदगी की परतें
यूपी के फिरोजाबाद के शिकोहाबाद के चर्चित आरव हत्याकांड में रविवार को जिला अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम हाउस पर मासूम के शव का पोस्टमार्टम हुआ। डॉक्टरों द्वारा की गई इस जांच में हैवानियत की जो कड़वी सच्चाई सामने आई, उसने डॉक्टरों को भी झकझोर कर रख दिया। रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी की बर्बरता के कारण डेढ़ साल के आरव के सिर और छाती की सभी हड्डियां पूरी तरह चकनाचूर हो चुकी थीं। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने चोटों की तीव्रता के आधार पर अनुमान लगाया है कि जब आरोपी विराज ने मासूम को पहली बार हवा में उछालकर पक्की सड़क पर दे मारा, तभी आरव के स्कैल्प (खोपड़ी) के सभी जोड़ खुल गए थे और वह तुरंत अचेत हो गया था। पुलिस इस पोस्टमार्टम रिपोर्ट को कोर्ट में आरोपी विराज के खिलाफ सबसे मजबूत वैज्ञानिक साक्ष्य के रूप में पेश करने की तैयारी कर रही है।
टॉफी का लालच देकर रची गई नृशंस साजिश
फिरोजाबाद के थाना अरांव क्षेत्र के गांव बामयी निवासी रति की शादी बदायूं निवासी सुमित के साथ हुई थी। रति का डेढ़ वर्षीय पुत्र आरव था। आरोप है कि रति की बुआ सास का बेटा विराज उर्फ जितेंद्र रति से एकतरफा प्रेम करता था और उससे शादी करना चाहता था। परिजनों के मुताबिक, विराज मासूम आरव को अपने प्रेम संबंध में सबसे बड़ी बाधा मानता था। आरोपी वहां पहुंचा और मासूम आरव को टॉफी दिलाने का बहाना बनाकर अपने साथ ले गया। कुछ देर बाद उसने डेढ़ वर्षीय मासूम को सड़क पर पटक-पटककर गंभीर रूप से घायल कर दिया। उसने ऐसा आठ बार किया, जिससे बच्चे की मौत हो गई। परिवार वाले उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया।
पूर्वनियोजित था हत्याकांड, सुबह ही ले ली थी लोकेशन
पुलिस की शुरुआती जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ। यह पूरी वारदात अचानक आवेश में आकर नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश के तहत की गई थी। मृत बच्चे की नानी पिंकी देवी ने पुलिस को बताया कि शनिवार सुबह आरोपी विराज ने उन्हें फोन किया था और बातचीत के दौरान बड़ी ही चालाकी से उनकी पूरी लोकेशन ले ली। घटना का पूरा दृश्य गली में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया था, जिसके सार्वजनिक होने के बाद पूरे जिले में आक्रोश की लहर फैल गई।
मुठभेड़ में गिरफ्तार हुआ कातिल, दोनों पैरों में लगी गोली
घटना के बाद पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर चार टीमों का गठन किया और आरोपी की तलाश शुरू की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के निर्देशन में लगातार दबिश दी जा रही थी। शनिवार शाम पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र भूढ़ा भरथरा मोड़, मैनपुरी रोड के पास झाड़ियों में छिपा हुआ है। जब संदिग्ध को रोकने का प्रयास किया गया तो उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के दोनों पैरों में गोली लग गई। फिरोजाबाद पुलिस ने वारदात के महज छह घंटे के भीतर इस खौफनाक हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक अवैध 315 बोर तमंचा, पांच जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद किए। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह बच्चे की मां से शादी करना चाहता था, लेकिन महिला अपने बेटे का हवाला देकर शादी से इनकार कर रही थी। इसी वजह से उसने मासूम को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
14 दिन की रिमांड, इंस्पेक्टर अनुज कुमार को जांच की कमान
एसएसपी आदित्य लांग्हे ने बताया कि इस पूरे संवेदनशील और जघन्य हत्याकांड की निष्पक्ष व त्वरित जांच के लिए शिकोहाबाद के इंस्पेक्टर अनुज कुमार को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। पुलिस रिमांड मंजूर होने के बाद अब जांच टीम वारदात से जुड़े अन्य साक्ष्यों को कानूनी रूप से मजबूत करने में जुट गई है। आरोपी विराज को कोर्ट से 14 दिन की पुलिस रिमांड मिली है।
संवेदनहीन रहा पिता, सवालों में घिरा परिवार
फिरोजाबाद में हुई सनसनीखेज वारदात में जहां एक तरफ पूरा इलाका दहल उठा और हर आंख नम हो गई, वहीं दूसरी तरफ खून के रिश्तों की असंवेदनशीलता भी सामने आई। डेढ़ साल के मासूम आरव की इतनी भीभत्स हत्या हो जाने के बाद भी उसके पिता सुमित कुमार और बदायूं निवासी ससुराल पक्ष के लोगों का दिल नहीं पसीजा।
समाज के लिए गंभीर चेतावनी
शिकोहाबाद में सामने आया आरव हत्याकांड केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है। इस घटना ने यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि व्यक्तिगत जुनून, अस्वीकृति और प्रतिशोध की मानसिकता को समय रहते पहचानना और रोकना समाज के लिए कितना आवश्यक हो गया है। फिलहाल घायल आरोपी विराज पुलिस निगरानी में अस्पताल में उपचाराधीन है। पुलिस समस्त साक्ष्य संकलित कर शीघ्र ही कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करेगी।
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