Police Encounter: गाजियाबाद। बकरीद के दिन 17 वर्षीय छात्र सूर्या चौहान की हत्या के बाद पूरे इलाके में फैले आक्रोश के बीच पुलिस ने रविवार तड़के बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी असद को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। यह कार्रवाई गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित अभय खंड इलाके में की गई, जहां आरोपी पुलिस फायरिंग में मारा गया।
इस एनकाउंटर को केवल एक सामान्य पुलिस कार्रवाई नहीं, बल्कि जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस की “जीरो टॉलरेंस” नीति के तौर पर देखा जा रहा है। 50 हजार के इनामी असद की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही थी।
Police Encounter:
लगातार दबाव और निगरानी के बाद मिली सफलता
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सूर्या हत्याकांड के बाद से ही पुलिस की कई टीमें आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थीं। असद अपने एक साथी से मिलने के लिए खोड़ा इलाके में आने वाला था, इसी इनपुट पर पुलिस ने घेराबंदी की।
जैसे ही आरोपी मौके पर पहुंचा, उसे रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन उसने कथित तौर पर पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया और बाद में अस्पताल में उसकी मौत हो गई। इस दौरान एक पुलिस कांस्टेबल भी घायल हुआ।
क्राइम नेटवर्क की कड़ी टूटने का दावा
पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई केवल एक गिरफ्तारी नहीं बल्कि उस नेटवर्क पर बड़ा प्रहार है, जो सूर्या हत्याकांड में शामिल था। इससे पहले तीन आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि एक अन्य की तलाश जारी है।
भय, अफवाह और सोशल मीडिया की भूमिका भी चर्चा में
इस पूरे मामले में एक अहम पहलू यह भी सामने आया कि हत्या और उसके बाद की घटनाओं को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें और भड़काऊ पोस्ट फैलती रहीं, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। पुलिस अब इस एंगल पर भी निगरानी बढ़ा रही है।
परिवार की मांग और प्रशासन का संदेश
सूर्या के परिवार ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी, जिसके बाद पुलिस ने तेजी से ऑपरेशन को अंजाम दिया। प्रशासन का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी और फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी होगी।
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