पुणे के फूगेवाडी और हडपसर इलाकों में जहरीली शराब (संशयित मिथेनॉल मिलावटी शरब्त) पीने से कम से कम 12 लोग की मौत हो गई और तीन अन्य की हालत गंभीर बनी हुई है। प्रभावित जिलों में स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने तड़के आपातस्थिति घोषित कर कर जांच तेज कर दी है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने घटना के स्वतंत्र और त्वरित सत्यापन के आदेश दिए हैं।
घटना का सिलसिला
पुलिस और अस्पताल सूत्रों के अनुसार त्रासदी रविवार की रात से सोमवार की सुबह के बीच सामने आई, जब कई लोग अचानक बेहोश होना और उल्टी, तेज सिरदर्द व दृष्टिहीनता जैसे लक्षण दिखाने लगे। प्राथमिक उपचार के बाद प्रभावितों को निकटस्थ सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन मरीजों की हालत नाजुक बनी हुई है और उन्हें आईसीयू में रखा गया है।
पुलिस जांच और प्रारम्भिक निष्कर्ष
पुणे ग्रामीण पुलिस और स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घटनास्थल का दौरा कर जरूरी क़दम उठाना शुरू कर दिया है। पुलिस का कहना है कि प्रारम्भिक संकेत मिथेनॉल (मिथाइल अल्कोहल) के मिलावट वाले शराब के सेवन की तरफ इशारा करते हैं, लेकिन सटीक कारण पोस्टमॉर्टम और लैब रिपोर्ट के बाद ही तय होगा। मृतकों और घायलों के नमूनों के सैंपल भेजे जा रहे हैं, जिनका रासायनिक परीक्षण कराया जा रहा है।
प्रशासनिक कार्रवाई
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने घटना की जानकारी मिलने पर तुरंत जांच के निर्देश दिए हैं और कहा है कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिला कलेक्टर और पुलिस आयुक्त को दोषियों को गिरफ्तार कर त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है। स्थानीय स्वास्थ्य प्रशासन को सभी प्रभावितों के लिए मुफ्त उपचार और परामर्श मुहैया कराने कहा गया है।
स्थानीय प्रतिक्रियाएँ और शोक
घायलों के परिजन और स्थानीय लोग आगन्तुकों की तरह इकट्ठा होकर अस्पतालों के बाहर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। मृतकों के परिजनों ने मुआवजे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। कुछ स्थानीय दुकान-मालिकों और रहवासी बोल रहे हैं कि तरह-तरह की नकली और सस्ती शराब की बिक्री बढ़ी है, जिससे इस प्रकार की घटनाएँ होने का खतरा बढ़ गया है।
स्वास्थ्य विभाग के निर्देश
पुणे स्वास्थ्य विभाग ने सार्वजनिक चेतावनी जारी कर कहा है कि अज्ञात स्रोत से खरीदी गई सस्ती शराब न खरीदें और किसी भी संदिग्ध लक्षण (उल्टी, तेज सिरदर्द, सांस लेने में दिक्कत, दृष्टि खराब होना) के प्रकट होते ही तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल से संपर्क करें। विभाग ने स्थानीय लोगों से आग्रह किया है कि शराब बेचने वाले संदिग्ध ठिकानों तथा आपूर्ति श्रृंखलाओं के बारे में जानकारी पुलिस को दें।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने कहा है कि मामले के तार बिकने-वाले ठिकानों तक और सप्लायरों तक पहुंचते हैं या नहीं, इसकी जांच की जा रही है। सीमांत क्षेत्रों में शराब की अवैध बिक्री पर छापेमारी तेज करने के भी आदेश जारी किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस संयुक्त रूप से रैपिड रिस्पॉन्स टीम गठित कर रहे हैं ताकि और किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।

