पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के ‘जीरो टॉलरेंस’ अभियान का असर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग, PCR-PRV को भ्रमणशील रहने के निर्देश; नागरिकों में बढ़ा भरोसा
उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर में कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में पुलिस कमिश्नरेट ने एक बार फिर अपनी सक्रियता का परिचय दिया है। पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह के निर्देशन तथा डीसीपी/एडीसीपी नोएडा के पर्यवेक्षण में थाना सेक्टर-20 क्षेत्र में एसीपी-1 प्रवीण कुमार के नेतृत्व में भारी पुलिस बल के साथ व्यापक फुट पेट्रोलिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान प्रमुख बाजारों, संवेदनशील स्थानों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस ने जमकर पैदल गश्त की।
क्यों महत्वपूर्ण है सेक्टर-20?
गौरतलब है कि नोएडा का थाना सेक्टर-20 क्षेत्र अपनी व्यावसायिक सक्रियता और घनी आबादी के कारण हमेशा पुलिस की प्राथमिकता में रहा है। हाल ही में इसी थाने में पाकिस्तान से संचालित सोशल मीडिया हैंडल्स के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था, जिन्होंने नोएडा की श्रमिक हिंसा के दौरान अफवाहें फैलाई थीं। इस पृष्ठभूमि में यह फुट पेट्रोलिंग अभियान और भी अहम हो जाता है।
क्या-क्या हुआ अभियान में?
अभियान के दौरान एसीपी-1 प्रवीण कुमार ने प्रमुख बाजारों, सार्वजनिक स्थलों, संवेदनशील इलाकों और व्यस्त मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाए और संदिग्ध वाहनों की बैरिकेडिंग लगाकर सघन चेकिंग की जाए। इसके साथ ही यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के भी आदेश दिए गए। पुलिस टीम ने राहगीरों और स्थानीय निवासियों से सीधा संवाद किया और उन्हें किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को देने के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा सभी पीसीआर एवं पीआरवी वाहनों को निर्देश दिए गए कि वे लगातार भ्रमणशील रहें और किसी भी स्थिति में त्वरित रिस्पॉन्स सुनिश्चित करें।
‘लेडी सिंघम’ की नीति का विस्तार
2000 बैच की आईपीएस अधिकारी लक्ष्मी सिंह उत्तर प्रदेश की पहली महिला पुलिस कमिश्नर हैं। ‘लेडी सिंघम’ के नाम से पहचानी जाने वाली लक्ष्मी सिंह का कार्यकाल महिलाओं की सुरक्षा, संगठित अपराध पर लगाम और स्मार्ट पुलिसिंग के लिए जाना जाता है। उनके निर्देशन में कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद से पुलिस न केवल अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख अपना रही है, बल्कि आधुनिक तकनीक और ‘कम्युनिटी पुलिसिंग’ के जरिए आम जनता में विश्वास भी बढ़ा रही है। पुलिस टीमों ने औद्योगिक क्षेत्रों में स्थित कंपनियों के बाहर भी सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया और संबंधित थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से फुट पेट्रोलिंग जारी रखें।
प्रशासनिक मोर्चे पर भी सक्रियता
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में किए गए प्रशासनिक बदलाव का मुख्य उद्देश्य अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और जनता के साथ बेहतर संवाद स्थापित करना बताया जा रहा है। इसी क्रम में हाल ही में कानून व्यवस्था सुधारने के लिए 5 एडीसीपी और 6 एसीपी के तबादले भी किए गए हैं।
नागरिकों की प्रतिक्रिया
फुट पेट्रोलिंग के दौरान पुलिस की सक्रियता से आमजन में सुरक्षा का भरोसा मजबूत हुआ है। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस के इस प्रयास की सराहना करते हुए सहयोग का आश्वासन दिया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी व गश्त का यह सिलसिला आगे भी बदस्तूर जारी रहेगा।

