A voice from the garbage heap: नोएडा के सेक्टर-93 सुपर एमआईजी में कूड़े की समस्या ने अब विकराल रूप ले लिया है। गेट नंबर-4 के समीप कूड़े के अंबार, असहनीय दुर्गंध और कूड़ा वाहनों के अनियंत्रित आवागमन से त्रस्त सैकड़ों निवासियों ने गुरुवार की सुबह सड़क पर उतरकर ज़ोरदार प्रदर्शन किया। क़रीब डेढ़ घंटे तक चले इस आंदोलन में लोगों ने प्रशासन और नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ खुलकर आक्रोश व्यक्त किया और स्थायी समाधान की मांग उठाई।
बीमारी और पलायन की नौबत
प्रदर्शन में शामिल निवासियों ने बताया कि यह समस्या महीनों से बनी हुई है। सेक्टर के बाहर रोज़ाना कूड़े की गाड़ियाँ खड़ी रहती हैं, जिससे पूरे इलाके में दुर्गंध का माहौल बना रहता है। लोगों का कहना है कि कई निवासी श्वास संबंधी और अन्य बीमारियों की चपेट में आ चुके हैं। स्थिति इतनी बदतर हो गई है कि कुछ किरायेदार अपने मकान छोड़ने की सोच रहे हैं। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं पर इसका सबसे बुरा असर पड़ रहा है। नोएडा में निवासियों की स्थिति दिल्ली से भी अधिक कठिन मानी जाती है, क्योंकि यहाँ सफ़ाई और नागरिक सुविधाओं के लिए लगभग पूरी तरह नोएडा प्राधिकरण पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में यदि स्थानीय आरडब्ल्यूए सक्रिय न हो, तो समस्याएँ अनसुनी रह जाती हैं।
गेट बंद करने की चेतावनी
निवासी राकेश त्रिपाठी ने दो-टूक शब्दों में कहा कि जब तक कूड़े की समस्या का स्थायी और ठोस हल नहीं निकलता, तब तक प्रतिदिन सुबह प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो सेक्टर का मुख्य गेट बंद कर दिया जाएगा, जिससे कूड़ा वाहनों का प्रवेश पूरी तरह रोक दिया जाएगा।
RWA चुनाव से ठीक पहले उठी यह मांग
यह मुद्दा इसलिए भी अधिक महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि सेक्टर-93 में 24 मई को आरडब्ल्यूए के चुनाव आयोजित होने हैं। पाँच पदों के लिए तीन अलग-अलग पैनल चुनावी मैदान में हैं। ऐसे में कूड़े का यह संकट चुनाव का सबसे प्रमुख और संवेदनशील मुद्दा बन गया है। निवासी अब यह देखना चाहते हैं कि कौन-सा पैनल इस समस्या का वास्तविक समाधान दे सकता है।
प्राधिकरण की चुप्पी पर सवाल
निवासियों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बाद भी संबंधित एजेंसियों ने कोई स्थायी उपाय नहीं किया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने प्राधिकरण अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की माँग की। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
पृष्ठभूमि
उल्लेखनीय है कि नोएडा के विभिन्न सेक्टरों में कूड़े और सफ़ाई को लेकर लंबे समय से शिकायतें आती रही हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नोएडा प्राधिकरण के पास सैकड़ों सेक्टर हैं और शिकायतें फ़ाइलों में दबकर रह जाती हैं जब तक आरडब्ल्यूए सक्रिय होकर नहीं लड़ती, कुछ नहीं होता। सेक्टर-93 में अब निवासियों की एकजुटता और आगामी RWA चुनाव दोनों मिलकर यह तय करेंगे कि यह आंदोलन महज एक प्रदर्शन बनकर रह जाएगा या सफ़ाई व्यवस्था में कोई वास्तविक बदलाव आएगा।
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