LPG संकट होगा कम? तेल भंडार से LPG सप्लाई तक, ऊर्जा सुरक्षा पर अहम डील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यूएई का संक्षिप्त दौरा भारत के लिए रणनीतिक और आर्थिक रूप से बेहद लाभकारी साबित हुआ है। क्षेत्रीय भू-राजनीतिक अनिश्चितता और वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता के बीच भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने रक्षा, ऊर्जा, समुद्री और निवेश संबंधी महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इनमें USD 5 बिलियन के निवेश की घोषणा भी शामिल है। यह दौरा ऊर्जा संकट के समय भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने वाला साबित हो रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार को अबू धाबी पहुंचे, जहां UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने उनका भव्य स्वागत किया। UAE की वायुसेना के F-16 जेट ने पीएम के विमान को एस्कॉर्ट किया। द्विपक्षीय बैठक में दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय स्थिरता, कनेक्टिविटी और आर्थिक लचीलापन पर जोर दिया।

प्रमुख समझौते और उपलब्धियां

रणनीतिक रक्षा साझेदारी का फ्रेमवर्क: दोनों देशों के बीच सामरिक रक्षा साझेदारी के लिए एक समझौता हुआ। इसमें संयुक्त विकास, सह-उत्पादन, खुफिया जानकारी साझा करने और आतंकवाद विरोधी सहयोग को बढ़ावा देने पर फोकस है।

रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (SPR) पर MoU: भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए UAE के साथ रणनीतिक तेल भंडारण पर समझौता हुआ। UAE पहले से ही भारत के SPR में भागीदार है और अब इसका विस्तार हो रहा है।

LPG आपूर्ति पर समझौता: UAE भारत का सबसे बड़ा LPG आपूर्तिकर्ता है, जो देश की करीब 40% जरूरत पूरी करता है। नए समझौते से लंबे समय तक स्थिर और विविध आयात सुनिश्चित होंगे, जिससे वैश्विक मूल्य उतार-चढ़ाव का घरेलू उपभोक्ताओं पर असर कम होगा।

वडिनार में शिप रिपेयर क्लस्टर: गुजरात के वडिनार में जहाज मरम्मत क्लस्टर स्थापित करने पर MoU साइन हुआ, जो भारत को क्षेत्रीय शिपिंग हब बनाने में मदद करेगा।

 5 अरब डॉलर के निवेश: UAE ने भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, RBL बैंक और Samman Capital में 5 बिलियन USD के निवेश की घोषणा की। दोनों देशों के बीच व्यापार पहले ही 100 बिलियन USD के पार पहुंच चुका है और CEPA के तहत 200 बिलियन USD का लक्ष्य रखा गया है।

ऊर्जा संकट के बीच पीएम की अपील का असर

यह दौरा ऐसे समय हुआ जब पश्चिम एशिया में तनाव और होर्मुज जलडमरूझ जैसे महत्वपूर्ण मार्गों पर अनिश्चितता के कारण ऊर्जा संकट गहराया है। पीएम मोदी ने हाल ही में देशवासियों से ईंधन बचत, पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस्तेमाल और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की अपील की थी। इस अपील का तुरंत असर दिखा। भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने पीएम की अपील पर अमल करते हुए मारुति सुजुकी की नई इलेक्ट्रिक SUV e-Vitara खरीदी। उन्होंने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर कार पूलिंग की मिसाल पेश की और सुरक्षा गार्ड्स को भी अपनी कार में साथ ले जाकर ईंधन बचत का संदेश दिया। e-Vitara की कीमत 15.99 लाख से 20.01 लाख रुपये (या BaaS के साथ 10.99 लाख से शुरू) है, जिसमें 440-543 किमी की रेंज, पैनोरमिक सनरूफ, ADAS और अन्य प्रीमियम फीचर्स दिए गए हैं। कई केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री भी काफिले छोटे करने और EV अपनाने की दिशा में कदम उठा रहे हैं।

संदर्भ और महत्व

क्षेत्रीय संघर्षों के बीच यह दौरा भारत की कूटनीतिक पहल को दर्शाता है। UAE न केवल ऊर्जा साझेदार है बल्कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण देश भी। भारतीय कंपनियों ने UAE में 1.2 बिलियन USD से ज्यादा का निवेश किया है और हाल ही में तेल खोज भी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ये समझौते भारत को ऊर्जा आयात में विविधता लाने, विदेशी मुद्रा बचाने और घरेलू उपभोक्ताओं को स्थिर कीमतें सुनिश्चित करने में मदद करेंगे। पीएम मोदी की यूरोप यात्रा से पहले UAE स्टॉपओवर ने भारत की बहुआयामी कूटनीति को नई गति दी है। यह छोटा दौरा साबित करता है कि रणनीतिक साझेदारियां कितनी बड़ी वापसी दे सकती हैं तेल भंडार से लेकर LPG सप्लाई तक, रक्षा से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर तक। भारत की ऊर्जा सुरक्षा अब और मजबूत हुई है।

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