हिमंत बिस्वा शर्मा दूसरे कार्यकाल के लिए असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते हुए रिकॉर्ड जनादेश के साथ सत्ता में वापसी

भाजपा नीत एनडीए गठबंधन के भारी जनादेश के बाद हिमंत बिस्वा शर्मा आज दूसरे कार्यकाल के लिए असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह गुवाहाटी के खानापारा स्थित वेटरनरी कॉलेज फील्ड (वेटरनरी कॉलेज ग्राउंड) में दोपहर 11:40 बजे आयोजित हुआ। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। असम विधानसभा चुनाव 2026 में एनडीए ने 126 सदस्यीय सदन में 102 सीटें जीतकर दो-तिहाई बहुमत हासिल किया। यह भाजपा के लिए राज्य में तीसरा लगातार कार्यकाल है और हिमंत बिस्वा शर्मा के नेतृत्व में रिकॉर्ड मैनडेट माना जा रहा है। शर्मा ने जलुकबाड़ी सीट से भारी अंतर से जीत दर्ज की थी।

समारोह की खास बातें

असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने हिमंत बिस्वा शर्मा और नए मंत्रिपरिषद के सदस्यों को शपथ दिलाई। समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी सहित कई वरिष्ठ भाजपा नेता और एनडीए के मुख्यमंत्री शामिल हुए। शर्मा को एनडीए विधायक दल का सर्वसम्मति से नेता चुना गया था, जिसके बाद राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने का निमंत्रण दिया।

शर्मा का संकल्प और भविष्य की रूपरेखा

शपथ ग्रहण से पहले शर्मा ने कहा कि उनका पहला कार्यकाल “ट्रेलर” था, अब पूरा फिल्म दिखाने का समय है। उन्होंने विकास, सुरक्षा, सांप्रदायिक सद्भाव और राज्य की समग्र प्रगति पर जोर दिया। मां कामाख्या के आशीर्वाद का जिक्र करते हुए उन्होंने समर्थकों का आभार व्यक्त किया। 2016 से भाजपा शासन वाले असम में यह तीसरा लगातार कार्यकाल है। हिमंत बिस्वा शर्मा, जो पहले कांग्रेस में सक्रिय थे, 2021 में पहली बार मुख्यमंत्री बने थे। उनकी रणनीति, क्षेत्रीय दलों के साथ गठबंधन और विकास योजनाओं ने पार्टी को राज्य की राजनीति का प्रमुख खिलाड़ी बनाया है।

चुनावी पृष्ठभूमि

अप्रैल 2026 में हुए चुनाव में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को करारी हार का सामना करना पड़ा। एनडीए की जीत को “ऐतिहासिक हैट्रिक” करार दिया जा रहा है। शर्मा की सरकार ने पिछले कार्यकाल में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, अवैध घुसपैठ पर सख्ती और आर्थिक विकास पर फोकस किया था, जिसका जनता ने समर्थन किया। यह शपथ ग्रहण समारोह न केवल असम बल्कि पूरे पूर्वोत्तर भारत की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नई सरकार के गठन के साथ विकास की नई गति और स्थिर शासन की उम्मीद जताई जा रही है।

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