Appeal ‘Not to Buy Gold’: नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देशवासियों से सोना खरीद टालने की अपील के बाद देश का ज्वेलरी कारोबार गहरे दबाव में आ गया है। प्रधानमंत्री ने लगातार दो दिनों तक लोगों से गैर-जरूरी सोने की खरीद कम करने, पेट्रोल-डीजल की खपत घटाने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने की अपील की थी। इसके साथ ही कंपनियों से वर्क फ्रॉम होम कल्चर को बढ़ावा देने की बात भी कही थी।
Appeal ‘Not to Buy Gold’:
प्रधानमंत्री की इस अपील के बाद ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (AIJGF) ने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर गंभीर चिंता जताई है। महासंघ ने कहा है कि यदि सोने की खरीद में गिरावट आती है तो इससे देशभर में ज्वेलरी कारोबार से जुड़े करीब 3.5 करोड़ लोगों की आजीविका प्रभावित हो सकती है।
MCX पर सोना-चांदी में जबरदस्त उछाल
प्रधानमंत्री के बयान और बाजार की हलचल के बीच सोमवार सुबह मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला। सुबह करीब 9:45 बजे सोना 337 रुपये प्रति 10 ग्राम तक चढ़ गया, जबकि चांदी में 3587 रुपये प्रति किलो की भारी तेजी दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञ इसे वैश्विक अनिश्चितताओं और निवेशकों की बढ़ती चिंता से जोड़कर देख रहे हैं।
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‘सोना खरीद टालने की अपील से उद्योग पर पड़ेगा गहरा असर’
AIJGF ने अपने पत्र में कहा कि प्रधानमंत्री की अपील के पीछे विदेशी मुद्रा संरक्षण, बढ़ती कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक आर्थिक दबाव जैसी चिंताएं जरूर हैं, लेकिन बिना किसी वैकल्पिक संरचना के सोने की खरीद को हतोत्साहित करना ज्वेलरी सेक्टर के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।
महासंघ ने कहा कि भारत का आभूषण उद्योग सिर्फ बड़े कारोबारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे लाखों छोटे जौहरी, सुनार, कारीगर, पॉलिश करने वाले, रत्न जड़ने वाले, ट्रांसपोर्टर, हॉलमार्किंग सेंटर, रिफाइनर, डिजाइनर और दिहाड़ी मजदूर जुड़े हुए हैं। ऐसे में मांग में कमी का सबसे ज्यादा असर छोटे व्यापारियों और श्रमिकों पर पड़ेगा।
सरकार से बुलियन बैंक फ्रेमवर्क बनाने की मांग
AIJGF ने सरकार से मांग की है कि सोना खरीद कम करने की अपील करने के बजाय देश में पड़े निष्क्रिय सोने को बाजार में लाने के लिए मजबूत “बुलियन बैंक फ्रेमवर्क” तैयार किया जाए। महासंघ का कहना है कि इससे विदेशी मुद्रा की बचत भी होगी और ज्वेलरी उद्योग से जुड़े करोड़ों लोगों की रोजी-रोटी भी सुरक्षित रह सकेगी।
शादी-विवाह सीजन पर भी मंडराया संकट
महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि लोगों में सोना खरीदने को लेकर डर और असमंजस बढ़ता है तो इसका सीधा असर शादी-विवाह सीजन की खरीदारी पर पड़ेगा। इससे छोटे शहरों और कस्बों में काम करने वाले पारंपरिक कारीगरों की आय पर गहरा असर पड़ सकता है।
AIJGF ने अपने पत्र में कहा कि भारत को अपने आभूषण उद्योग को कमजोर करने की नहीं, बल्कि “गोल्ड मोनेटाइजेशन” तंत्र को और अधिक मजबूत करने की जरूरत है, ताकि आर्थिक संतुलन के साथ रोजगार भी सुरक्षित रह सके।
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