सेक्टर‑51, नोएडा की आरडब्ल्यूए और डीडी‑आरडब्ल्यूए ने मंगलवार को नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों से मुलाकात करके शहर विशेष रूप से सेक्टर‑51 की 18 प्रमुख समस्याओं को गंभीरता से उठाया और सीईओ से शीघ्र कार्रवाई करने का आग्रह किया है। नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी श्री कांति शेखर और वर्क सर्किल‑3 के सीनियर मैनेजर श्री प्रवीण सालोनिया ने इन समस्याओं पर गहन चर्चा करते हुए संबंधित विभागों को तुरंत कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
सड़कें, ट्रैफिक और नोइज़ पॉल्यूशन
आरडब्ल्यूए ने सड़क दुर्घटनाओं और ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए नोएडा की सड़कों की रोड इंजीनियरिंग एवं यू‑टर्न सिस्टम को पुनः डिजाइन करने, रिफ्लेक्टर‑इंडिकेटर‑बोर्ड व लाइटिंग का पूर्वानुमानित रखरखाव, एंक्रोचमेंट (जैसे बीडीएस मार्केट व सेक्टर‑51 C‑7 क्लाउड‑9 अस्पताल के सामने) को तत्काल हटाने की मांग रखी। साथ ही D व E ब्लॉक वाले नोएडा मेट्रो स्टेशन के कारण निवासियों पर पड़ रहे नॉइज़ पॉल्यूशन को लेकर भी आवाज़ उठाई गई। निवासियों का कहना है कि सुबह के छोटे समय से लेकर रात तक मेट्रो और भारी ट्रैफिक की आवाज़ से आराम नहीं मिलता। इस कारण उन्होंने भंगेल एलिवेटेड रोड की तरह यहां भी साउंड बैरियर लगाने का आग्रह किया।
गंदे नाले, सीवर ओवरफ्लो और बारात घर
सेक्टर‑50, 51, 34, 107 आदि में खुले बड़े नालों की लंबे समय से नहीं होने वाली सफाई और उनमें फुटपाथ वालों द्वारा गंदगी डाले जाने का मुद्दा उठाया गया। आरडब्ल्यूए ने प्राधिकरण से इन नालों को कवर करके ऊपर वेंडिंग जोन बनाने का प्रस्ताव दिल्ली‑एनसीआर के अन्य शहरों की मॉडल की तरह लागू करने का सुझाव दिया। साथ ही लगातार सीवर ओवरफ्लो से निवासी आठ से दस महीने से परेशान हैं, जिसका तुरंत निराकरण करने की मांग की गई। C‑7 सेक्टर‑51 पर बने बारात घर को बिना फायर‑सेफ्टी और उचित ग्रीज ट्रैप व्यवस्था वाले रूप में रोका जाने और इसे क्लब/बैंक्वेट हॉल की तरह रिनोवेट करने की आवाज़ भी उठी।
हेलीकॉप्टर, नागरिक चार्टर और अवैध व्यवसाय
उच्च मंजिला इमारतों के छाये आपदा के समय निवासियों की सुरक्षा के लिए आरडब्ल्यूए ने नोएडा प्राधिकरण से कम से कम दो हेलीकॉप्टर और उनकी उचित तैनाती व रनवे‑पार्किंग व्यवस्था की मांग की। इसके अलावा सिटीजन चार्टर को लागू करके शिकायत निवारण, समयबद्धता और पारदर्शिता बढ़ाने का आग्रह भी रखा, जिसे नोएडा में अभी औपचारिक रूप से नहीं लागू किया गया है। घरों में गेस्ट हाउस, पीजी, ओयो, क्लिनिक आदि अवैध कमर्शल गतिविधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा लीज‑डीड रद्द करने की मांग भी शामिल है। विकास नियमों के विरूद्ध बिल्डरों को ग्रीन बेल्ट जमीन बेमुनासिब तरीके से बेचे जाने का विरोध करते हुए आरडब्ल्यूए ने ऐसे सौदों पर तुरंत रोक लगाने की बात कही।
पार्क, इंडिकेशन बोर्ड, आवारा कुत्ते और इलेक्ट्रिक लाइन
सेक्टर‑51 के D ब्लॉक वाले “हिटलर पार्क” के बचे हुए हिस्से को बाउंड्री वॉल और कंसंट्रेशन फेंस लगाकर एंक्रोचमेंट से बचाए जाने की मांग की गई। चिल्ड्रन पार्क (सेक्टर‑51) व मेघदूतम पार्क (सेक्टर‑50) में कुत्तों के बिना मूक और रस्सी बांधे घूमने, फुटबॉल‑क्रिकेट खेलने, अनुशासन की कमी जैसी समस्याओं पर बड़े साइन‑बोर्ड और डॉग पॉलिसी के स्पष्ट नियम विकसित करने की मांग उठाई गई। आवारा कुत्तों से होने वाली परेशानी और आवास‑क्षेत्रों में बिल्डिंग मटेरियल बेचे जाने जैसी गतिविधियों को रोकने के लिए प्राधिकरण से विशेष अभियान शुरू करने की अपील की गई। साथ ही ओवरहेड बिजली लाइनों को भूमिगत करने, टूटे इंडिकेशन/डिमार्केशन बोर्ड ठीक‑नए लगवाने और मेघदूतम पार्क के गेट पर सुरक्षा कर्मियों के लिए सुरक्षा हट बनाने की 17वीं और 18वीं मांग भी शामिल की गई।
अगला कदम और नागरिक उम्मीद
आरडब्ल्यूए ने अपनी ओर से तैयार किए गए 18‑बिंदुओं की प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से नोएडा प्राधिकरण के सीईओ, वर्क सर्कल विभाग और संबंधित अधिकारियों को “तुरंत और पारदर्शी रूप से कार्रवाई” करने की औपचारिक अपील की है। निवासी उम्मीद जता रहे हैं कि प्राधिकरण इन मांगों को सिर्फ रिकॉर्ड की फाइल नहीं, बल्कि शीघ्र कार्ययोजना में बदलेगा और नोएडा को वास्तविक रूप से “स्मार्ट व नागरिक‑अनुकूल शहर” बनाने का प्रयास करेगा।
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