उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के पटेल नगर कॉलोनी में शुक्रवार तड़के करीब 3 बजे एक तीन मंजिला एयर कंडीशनर सर्विस सेंटर में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग की चपेट में आने से गैस भरने वाले सिलेंडर और AC के कंप्रेसर फट गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में सेंटर के अंदर खड़ी दो गाड़ियां और 10 मोटरसाइकिलें राख हो गईं, जबकि 80 वर्षीय बुजुर्ग त्रिलोकी की दम घुटने से दर्दनाक मौत हो गई।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, आग सुबह के अंधेरे में तेजी से भड़क उठी और तीनों मंजिलों पर फैल गई। स्थानीय निवासियों ने धुआं देखते ही पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। गाजियाबाद फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं और करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि सर्विस सेंटर में रखे रेफ्रिजरेंट गैस के सिलेंडर और कंप्रेसर के विस्फोट ने आग को भयावह रूप दे दिया।
पुलिस ने बताया कि मृतक त्रिलोकी सेंटर के पास ही रहते थे और धुएं की चपेट में आ गए। उनके शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। सेंटर मालिक की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है, लेकिन प्रबंधन ने दावा किया है कि सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था। दमकल विभाग के अधिकारी ने चेतावनी दी कि अवैध रूप से संग्रहीत गैस सिलेंडर ऐसी दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बन रहे हैं।
घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई। आसपास के निवासियों ने बताया कि तेज धमाकों की आवाज सुनकर बच्चे और महिलाएं घबरा गईं। सांसद और स्थानीय विधायक ने हादसे पर शोक जताते हुए मृतक के परिजनों को 5 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। प्रशासन ने सर्विस सेंटर को सील कर दिया है और जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है तथा लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। यह घटना गाजियाबाद में बढ़ते वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर करती है। पिछले साल भी इसी इलाके में इसी तरह की आगजनी में दो लोग झुलस चुके थे। विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित निरीक्षण और जागरूकता से ऐसी त्रासदियां रोकी जा सकती हैं।

