दिल्ली के विवेक विहार में रविवार तड़के एक चार मंजिला इमारत में लगी आग में 9 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि 12 लोग गंभीर रूप से झुलस गए और अस्पताल में भर्ती हैं। मृतकों में 2 महिलाएं, एक डेढ़ साल का मासूम बच्चा और 6 पुरुष शामिल हैं। दमकल विभाग को तड़के करीब 3:47 बजे सूचना मिली। शुरुआती जांच में आग का कारण एसी ब्लास्ट बताया जा रहा है। आग की शुरुआत दूसरे फ्लोर पर एसी में ब्लास्ट से हुई, जिससे आग तेजी से फैल गई। तीसरे फ्लोर पर फंसे लोग छत की ओर भागे लेकिन बंद दरवाजे के कारण वहीं फंस गए और झुलस गए। इमारत में हर फ्लोर पर नियम तोड़कर दो-दो फ्लैट बनाए गए थे। आग लगने पर लोगों के पास भागने का सिर्फ एक ही रास्ता था। छत का दरवाजा लॉक होने से कई लोगों की दम घुटने से मौत हो गई।
NCR में भी हाल बेहाल — ग्रेटर नोएडा वेस्ट में 100 सोसाइटियां, एक भी फायर स्टेशन नहीं
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में तेजी से शहरीकरण हुआ है। यहां 15 से लेकर 40 मंजिल तक की इमारतें आम बात हैं और लाखों लोग इन सोसाइटियों में रहते हैं। लेकिन इन ऊंची इमारतों के अनुरूप आधुनिक फायर सेफ्टी इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास नहीं हो पाया है। कई सोसाइटियों में फायर अलार्म, स्प्रिंकलर और हाइड्रेंट सिस्टम या तो सही तरीके से काम नहीं करते या उनकी नियमित जांच नहीं होती। गौतम बुद्ध नगर विकास समिति ने अग्निशमन विभाग और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपते हुए चेताया है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट में 25 से 40 मंजिल तक की इमारतों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन मौजूदा फायर फाइटिंग सिस्टम और उपकरण इतने ऊंचे स्तर तक प्रभावी रूप से काम करने में सक्षम नहीं हैं।
इंदिरापुरम में भी लग चुकी है भीषण आग
गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित गौर ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी में लगी भीषण आग ने एक बार फिर हाईराइज इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। दसवीं मंजिल से शुरू हुई आग ने देखते ही देखते करीब आठ फ्लैट्स को पूरी तरह जलाकर खाक कर दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि हाईराइज इमारतों में आग से निपटने के लिए विशेष उपकरण और प्रशिक्षित टीम की आवश्यकता होती है, जो फिलहाल पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की ला रेजीडेंसिया सोसाइटी में भी आग की घटना में फायर सेफ्टी सिस्टम पूरी तरह फेल साबित हुआ। निवासियों का आरोप है कि नियमित मेंटेनेंस के दावे किए जाते हैं लेकिन आग लगने के समय फायर फाइटिंग सिस्टम ने काम नहीं किया।
सरकारी कदम — 154 करोड़ का बजट, 102 मीटर तक पहुंचेंगे उपकरण
नोएडा विधायक पंकज सिंह की पहल पर शासन ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण को आवश्यक उपकरण खरीदने के निर्देश जारी किए। इनमें 72 मीटर ऊंचाई तक पहुंचने वाले हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म, रोबोटिक फायर सिस्टम, फोम टेंडर, बड़े वाटर बाउजर, रेस्क्यू कटर, प्रॉक्सिमिटी सूट और ब्रीदिंग सेट शामिल हैं। साथ ही 102 मीटर ऊंचाई तक पहुंचने वाले दो हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म खरीदने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई गई है।
100 मंजिल तक आग बुझाने की तकनीक का सफल परीक्षण
नोएडा में सेक्टर-94 स्थित सुपरनोवा बिल्डिंग की 45वीं मंजिल पर कंप्रेस्ड एयर फोम (CAF) आधारित अत्याधुनिक हाई-राइज फायर फाइटिंग व्हीकल का सफल ट्रायल किया गया। यह मशीन पानी और कंप्रेस्ड एयर को मिलाकर विशेष फोम तैयार करती है जिसे 300 मीटर यानी करीब 100 मंजिल तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है। डीजी फायर सुजीत पांडे ने बताया कि यह विश्वस्तरीय तकनीक अब तक भारत में केवल गुजरात में ही उपलब्ध थी।
नागरिक संगठनों की मांगें
गौतम बुद्ध नगर विकास समिति ने प्रशासन के सामने कई मांगें रखी हैं — सभी हाई-राइज सोसाइटियों का सरप्राइज निरीक्षण, फायर NOC की पारदर्शी समीक्षा, नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई और NOC रद्द करना, थर्ड-पार्टी फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य करना, ग्रेटर नोएडा वेस्ट में नया फायर स्टेशन स्थापित करना और ड्रोन आधारित पायलट प्रोजेक्ट शुरू करना।
इमारतें और ऊंची होंगी — खतरा और बढ़ेगा?
इनवेस्ट यूपी विभाग ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के लिए यूनिफाइड बिल्डिंग रेगुलेशन-2026 का ड्राफ्ट जारी कर दिया है, जिसके तहत इमारतों की ऊंचाई और अधिक बढ़ाने की अनुमति मिल सकती है। ऐसे में जब फायर सेफ्टी का बुनियादी ढांचा अभी भी अधूरा है, तो और ऊंची इमारतों की अनुमति देना खतरे को दावत देना हो सकता है।

