New Delhi news दिल्ली पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने बुधवार को राजधानी में नशा मुक्त भारत अभियान को नई रफ्तार देते हुए स्कूलों, बाजारों और जेजे क्लस्टर्स में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर छात्रों, शिक्षकों, युवाओं, दुकानदारों और स्थानीय निवासियों को नशे के दुष्परिणामों और कानूनी प्रावधानों के बारे में जागरूक किया गया।
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की एएनटीएफ टीम ने शंकर नगर, नारायणा, जनकपुरी, शालीमार बाग, दिल्ली गेट और मजनूं का टीला समेत कई इलाकों में पहुंचकर लोगों से सीधा संवाद किया और एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई, स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रभाव और नशे के खिलाफ सामुदायिक जिम्मेदारी पर विशेष जोर दिया गया। स्कूलों में पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन, क्विज प्रतियोगिता और ई-प्लेज कार्यक्रम के जरिए छात्रों को नशा मुक्त जीवन का संकल्प दिलाया गया।
दिल्ली अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त राहुल अलवाल ने नशा मुक्त अभियान के तहत कहा नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानून लागू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक जिम्मेदारी भी है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को जागरूक करना और उन्हें सही दिशा देना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।
उन्होंने आगे बताया कि एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स लगातार स्कूलों, बाजारों और झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों में जाकर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक कर रहा है। इस अभियान के माध्यम से छात्रों, अभिभावकों और आम नागरिकों को न केवल नशे के खतरों के बारे में बताया जा रहा है, बल्कि उन्हें इससे बचाव और समय रहते पहचान करने के तरीके भी सिखाए जा रहे हैं।
पुलिस उपायुक्त ने कहा कि समाज के हर वर्ग की भागीदारी से ही नशा मुक्त भारत का सपना साकार किया जा सकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें और नशे के खिलाफ इस मुहिम में सक्रिय भूमिका निभाएं।


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