शीशमहल 2 विवाद: प्रवेश वर्मा ने केजरीवाल को ठहराया ‘दिल्ली का रहमान डकैत’, पंजाब में आलीशान बंगलों पर लगाए गंभीर आरोप

शीशमहल 2 विवाद: दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने आम आदमी पार्टी (आप) प्रमुख अरविंद केजरीवाल पर तीखा प्रहार करते हुए उन्हें ‘दिल्ली का रहमान डकैत’ करार दिया है। भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में वर्मा ने केजरीवाल के कथित ‘शीशमहल 2’ का लेआउट जारी कर दावा किया कि दिल्ली में हार के बाद केजरीवाल ने पंजाब में चार सरकारी बंगलों पर कब्जा कर लिया है।
भाजपा के आरोपों का केंद्र बिंदु
प्रवेश वर्मा ने कहा कि अन्ना आंदोलन और सादगी के नाम पर सत्ता हासिल करने वाली आप अब ‘आलीशान आदमी पार्टी’ बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब के चंडीगढ़ में सेक्टर-2 के बंगले नंबर 50 सहित चार आलीशान सरकारी आवासों पर केजरीवाल, सत्येंद्र जैन, संजय सिंह और मनीष सिसोदिया का कब्जा है, जिन्हें ‘शीशमहल 2.0’ का नाम दिया गया है। वर्मा ने 95 लोधी एस्टेट स्थित नए बंगले का जिक्र करते हुए बताया कि इसमें पांच बेडरूम, चार ड्राइंग रूम और लॉबी हैं, जहां केजरीवाल 24 अप्रैल को शिफ्ट हुए। उन्होंने दावा किया कि कोविड के दौरान दिल्ली में ‘शीशमहल’ बनवाने वाले केजरीवाल ने पंजाब में भी टैक्सपेयर्स के पैसे बर्बाद किए।
आप का खंडन और राजनीतिक पलटवार
आप ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे भाजपा का ‘झूठा प्रचार’ बताया है। पार्टी के प्रवक्ता अनुराग धांडा ने कहा कि चंडीगढ़ का बंगला 50 भगवंत मान का कैंप ऑफिस है, न कि केजरीवाल का निजी महल, और भाजपा को सबूत पेश करने की चुनौती दी। आप ने पुराने विवादों का हवाला देते हुए कहा कि भाजपा खुद प्रधानमंत्री आवास पर फिजूलखर्ची करती रही है, जबकि केजरीवाल की सादगी जगजाहिर है। स्वाति मालीवाल जैसे असंतुष्ट नेताओं के बयानों को भी भाजपा का हथियार बताया गया।
पंजाब से दिल्ली तक फैला विवाद
यह विवाद अक्टूबर 2025 से चंडीगढ़ के ‘शीशमहल 2.0’ से शुरू हुआ था, जब भाजपा और स्वाति मालीवाल ने दो एकड़ के ‘सेवन स्टार’ बंगले की एरियल तस्वीरें शेयर कीं। मार्च 2026 में CAG रिपोर्ट के बाद दिल्ली विधानसभा में चर्चा हुई, जहां वर्मा ने 25-48 करोड़ के कथित घोटाले का जिक्र किया। नवीनतम अपडेट में 24 अप्रैल को लोधी एस्टेट शिफ्ट ने विवाद को हवा दी, जिससे दिल्ली-चंडीगढ़ राजनीति गरमा गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मुद्दा दिल्ली विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा का बड़ा हथियार बन सकता है, जबकि आप इसे भगवा प्रचार बताकर जनता के बीच ले जाने की रणनीति पर काम कर रही है।
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