चिकित्सा क्रांति की नई इबारत: नोएडा मेदांता में ‘दा विंची Xi’ रोबोटिक सर्जरी सिस्टम का आगाज, अब कैंसर, किडनी ट्रांसप्लांट सहित जटिल ऑपरेशन होंगे छोटे चीरे से, मरीजों को मिलेगी नई उम्मीद

A new chapter in the medical revolution: पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर के मरीजों को अब देश में ही मिलेगी विश्वस्तरीय सर्जिकल सुविधा। स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए नोएडा के मेदांता अस्पताल ने अत्याधुनिक ‘दा विंची Xi’ (da Vinci Xi) रोबोटिक सर्जरी सिस्टम की शुरुआत की है। इस विश्व प्रसिद्ध रोबोटिक तकनीक के आने से गंभीर बीमारियों का इलाज न केवल आसान होगा, बल्कि सर्जरी के परिणाम भी कहीं अधिक सटीक होंगे।

अत्याधुनिक तकनीकों का केंद्र बना मेदांता नोएडा

नवंबर 2025 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उद्घाटित सेक्टर 50, नोएडा स्थित मेदांता के 550 बेड के इस अत्याधुनिक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में दा विंची Xi रोबोटिक सर्जरी सिस्टम के साथ-साथ Artis Icono Biplane Cath Lab, Varian Edge TruBeam रेडियोसर्जरी और 3 टेस्ला MRI तथा 256 स्लाइस CT स्कैनर जैसी विश्वस्तरीय तकनीकें भी उपलब्ध हैं। मेदांता के ग्रुप CEO पंकज साहनी ने कहा, “यह कदम नोएडा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की उस लंबे समय से चली आ रही जरूरत को पूरा करता है जहाँ उच्च स्तरीय और भरोसेमंद चिकित्सा सेवाओं की बेहद कमी रही है।”

किन बीमारियों में होगा रोबोटिक सर्जरी का उपयोग?

अस्पताल में आयोजित एक जागरूकता सत्र के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि यह तकनीक कई गंभीर विभागों के लिए क्रांतिकारी साबित होगी जिसमें गायनेकोलॉजिक ऑन्कोलॉजी, जीआई ऑन्कोलॉजी, ब्रेस्ट कैंसर, एंडोक्राइन, हेड एंड नेक कैंसर, किडनी ट्रांसप्लांट, जनरल सर्जरी, यूरोलॉजी और चेस्ट सर्जरी प्रमुख हैं।

कैसे काम करती है ‘दा विंची’ तकनीक?

दा विंची रोबोटिक तकनीक सर्जन को बड़े चीरे की बजाय कुछ छोटे-छोटे छिद्रों के जरिए नाजुक और जटिल ऑपरेशन करने में सक्षम बनाती है। इसमें तीन रोबोटिक भुजाओं पर अति सूक्ष्म उपकरण लगे होते हैं जो सर्जन को अधिकतम लचीलापन और सटीकता देते हैं, जबकि चौथी भुजा में एक हाई-डेफिनिशन 3D कैमरा होता है जो ऑपरेशन के दौरान सर्जन का मार्गदर्शन करता है। यह प्रणाली सर्जन को असाधारण सटीकता, लचीलापन और नियंत्रण प्रदान करती है, जो पारंपरिक शल्य चिकित्सा पद्धतियों से कहीं बेहतर है।

क्या हैं इसके प्रमुख फायदे?

रोबोटिक सर्जरी के जरिए मरीज को बेहतर परिणाम मिलते हैं — खून कम बहता है, दर्द कम होता है, संक्रमण का जोखिम घटता है, जटिलताएं न्यूनतम होती हैं और रोगी जल्दी सामान्य जीवन में लौट सकता है।

विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय

डॉ. आलोक ठक्कर ने बताया कि हेड एंड नेक कैंसर में यह तकनीक वरदान से कम नहीं है — यह संवेदनशील अंगों को नुकसान पहुँचाए बिना ट्यूमर को हटाने में मदद करती है, जिससे मरीज की बोलने और निगलने की क्षमता सुरक्षित रहती है। डॉ. सुधीर शर्मा के अनुसार, दा विंची सिस्टम सर्जन को बेहतर विज़ुअलाइजेशन देता है जिससे ऑपरेशन के दौरान होने वाली जटिलताएं न्यूनतम हो जाती हैं। वहीं डॉ. विवेक टंडन ने कहा कि गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ऑन्कोलॉजी में ट्यूमर हटाना और पुनर्निर्माण अब पहले से कहीं अधिक सटीक हो गया है।

मेदांता की विस्तार योजना और दृष्टि

डॉ. नरेश त्रेहान, चेयरमैन एवं एमडी, मेदांता ने कहा, “मेदांता नोएडा हमारे मिशन में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह अस्पताल दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए तृतीयक और चतुर्थ स्तरीय चिकित्सा सेवाओं तक पहुँच का विस्तार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।” अस्पताल में 25 से अधिक सुपर स्पेशलिटी विभाग, 130 से अधिक ICU बेड, 16 ऑपरेशन थिएटर और 200 से अधिक अनुभवी डॉक्टर कार्यरत हैं।

पश्चिमी यूपी के मरीजों के लिए बड़ी राहत

मेदांता नोएडा की यह पहल क्षेत्र के मरीजों के लिए एक बड़ी राहत बनकर आई है, जहाँ अब अंतरराष्ट्रीय स्तर की सर्जिकल तकनीक स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होगी। अब तक ऐसी जटिल सर्जरी के लिए मरीजों को दिल्ली या विदेश जाना पड़ता था, लेकिन मेदांता नोएडा के इस कदम से नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, आगरा और आसपास के जिलों के लाखों मरीजों को घर के करीब ही विश्वस्तरीय उपचार मिल सकेगा।

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