‘Women’s Empowerment Act’: नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर देशभर में उत्साह का माहौल है। भारतीय जनता पार्टी नोएडा महानगर के तत्वावधान में जिला अध्यक्ष महेश चौहान के नेतृत्व में नोएडा स्टेडियम सेक्टर 21ए से एक भव्य बाइक रैली का आयोजन किया गया। इस रैली में मुख्य अतिथि क्षेत्रीय मंत्री (पश्चिम उत्तर प्रदेश) आशीष वत्स ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की लोकतांत्रिक संरचना को और अधिक समावेशी एवं सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। पूर्व महिला आयोग अध्यक्ष बिमला बॉथम ने कहा कि यह विधेयक वर्षों से लंबित एक महत्वपूर्ण संकल्प था, जिसे आज साकार रूप मिला है। रैली में “सशक्त नारी—सशक्त भारत” का संदेश दिया गया।
संसद में विशेष सत्र आज से
नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन के लिए संसद का विशेष सत्र आज यानी 16 अप्रैल से शुरू हो गया है। सरकार इस तीन दिवसीय सत्र में महिला आरक्षण बिल, परिसीमन विधेयक 2026 और केंद्रशासित प्रदेश कानून संशोधन बिल तीन बड़े बिल पेश करेगी। इस विशेष सत्र का उद्देश्य “नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023” को पूरी तरह से लागू करना है, ताकि संविधान संशोधन के माध्यम से 2029 के चुनावों से पहले लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
पीएम मोदी का ऋग्वेद श्लोक से संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर ऋग्वेद के एक श्लोक के माध्यम से संदेश देते हुए इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।
देशभर में सम्मेलनों की बाढ़
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रवींद्र भवन में ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ आयोजित हुआ जिसमें मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि इस अधिनियम से लोकतंत्र और मजबूत होगा। उत्तराखंड में भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नारी शक्ति वंदन सम्मेलन को संबोधित करते हुए इसे एक युगांतकारी कदम बताया।
क्या है यह अधिनियम?
नारी शक्ति वंदन अधिनियम (106वां संविधान संशोधन) लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करता है। इसमें अनुसूचित जाति और जनजाति की महिलाओं की भागीदारी भी सुनिश्चित की गई है। लोकसभा में 454 मतों के भारी बहुमत और राज्यसभा में सर्वसम्मति से यह विधेयक पारित हो चुका है। विपक्ष इन बिलों का विरोध कर रहा है, जबकि सत्तापक्ष इसे महिलाओं के राजनीतिक अधिकारों की ऐतिहासिक जीत बता रहा है।

