CCTV ने खोला राज़: बागेश्वर धाम से लौटते ही रच डाली हत्या की साजिश: कार से कुचला, शव को सड़क हादसा दिखाने की कोशिश

ग्रेटर नोएडा। नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। तीन युवकों ने मिलकर एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी और फिर उसे सड़क हादसे का रूप देने के लिए शव को सुनसान कच्चे रास्ते पर फेंककर फरार हो गए। लेकिन आरोपी यह नहीं जानते थे कि सीसीटीवी की आंखें उन्हें देख रही थीं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

कौन है मृतक और कौन हैं आरोपी?

पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान अमित उर्फ भोंचू के रूप में हुई है। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है —

  • अमर पाल — निवासी मोहल्ला सल्लियान, जेवर (मुख्य आरोपी)
  • अमित कुमार — निवासी बिरोंडा
  • सन्नी — निवासी हसनपुर, हापुड़

पुलिस ने बताया कि अमर पाल और अमित कुमार आपस में घनिष्ठ मित्र हैं और दोनों कार चलाने का काम करते हैं। सन्नी, अमित कुमार का मौसेरा भाई है और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में सफाई कर्मचारी के पद पर तैनात है।

पुरानी रंजिश थी हत्या की जड़

इस हत्याकांड की जड़ें एक पुराने आपराधिक मामले में छिपी हैं। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी अमर पाल ने कुछ समय पहले मृतक अमित उर्फ भोंचू के विरुद्ध नाबालिग से बलात्कार और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में अमित उर्फ भोंचू को जेल भी जाना पड़ा था। जेल से रिहा होने के बाद से दोनों पक्षों के बीच तनाव और मनमुटाव लगातार बना हुआ था। यही पुरानी दुश्मनी आखिरकार खूनी अंजाम तक पहुंच गई।

बागेश्वर धाम में बनाई हत्या की साजिश

पुलिस जांच में सामने आया कि तीनों आरोपी 23 मार्च को मध्य प्रदेश के चर्चित धार्मिक स्थल बागेश्वर धाम गए हुए थे। इसी दौरान अमर पाल के भाई ने फोन कर बताया कि मृतक अमित उर्फ भोंचू उनके घर के आसपास देखा गया है। यह सूचना मिलते ही अमर पाल ने अपना फोन बंद कर लिया और वहीं बागेश्वर धाम में अपने दोनों साथियों के साथ मिलकर अमित की हत्या की योजना बना डाली। धर्म की यात्रा पर गए इन युवकों के मन में उसी वक्त खून करने का इरादा पक चुका था।

परी चौक पर मुठभेड़, फिर शुरू हुआ खौफनाक खेल

25 मार्च को तीनों आरोपी ग्रेटर नोएडा के परी चौक के पास अमित उर्फ भोंचू से टकरा गए। यहां अमर पाल और अमित के बीच तीखी बहस हुई। बहस बढ़ती देख अमित वहां से यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट की ओर भागने लगा। भागते हुए अमित को रोकने के लिए तीनों आरोपियों ने ईको कार से टक्कर मारी और कार उसके ऊपर चढ़ा दी। गंभीर रूप से घायल अमित को इसके बाद जबरन कार में डाला गया।

कार में बंद कर किया लोहे के पाने से वार

कार में बंद करने के बाद तीनों आरोपियों ने लोहे के पाने (रेंच) से अमित के सिर पर ताबड़तोड़ वार किए। गंभीर चोटों के कारण अमित की मौत हो गई। इसके बाद तीनों आरोपी शव को लेकर सफीपुर अंडरपास के पास श्मशान घाट के सुनसान कच्चे रास्ते पर पहुंचे और शव को वहां फेंककर फरार हो गए। उनका इरादा था कि शव को देखकर लोग इसे सड़क दुर्घटना समझें और असली सच्चाई कभी सामने न आए।

CCTV ने उघाड़ी करतूत, पुलिस ने दबोचा

पुलिस को जब शव मिला तो शुरुआत में इसे सड़क हादसा मान लिया गया। लेकिन पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में पूरी वारदात की कड़ियां एक-एक कर जुड़ती चली गईं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और फोरेंसिक साक्ष्यों ने भी हत्या की पुष्टि कर दी। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को दबोच लिया।

बरामदगी: कार, हथियार और मोबाइल

आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने इनके कब्जे से निम्नलिखित सामग्री बरामद की है —

  • ईको कार — हत्या में इस्तेमाल की गई
  • लोहे का पाना (रेंच) — हत्या का हथियार
  • तीन मोबाइल फोन

पुलिस का बयान

नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने बताया कि तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके विरुद्ध हत्या सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पूरे मामले की जांच जारी है।

 

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