एआरटीओ प्रशासन: जनपद में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग सख्त रुख अपना रहा है। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) नन्द कुमार ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जिन स्कूली वाहनों की फिटनेस और परमिट की अवधि समाप्त हो चुकी है, उनका संचालन तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया गया है। नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूल प्रबंधकों और वाहन स्वामियों के खिलाफ अब सीधे एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जाएगी।
रडार पर हैं 140 वाहन, नोटिस जारी
परिवहन विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, जनपद में वर्तमान में 47 स्कूली वाहन और 93 अनुबंधित वाहन (कुल 140) ऐसे पाए गए हैं जिनकी फिटनेस और परमिट वैध नहीं है। विभाग ने इन सभी वाहन स्वामियों को नोटिस जारी कर दिया है।
कड़े मानक और विशेष अभियान
परिवहन आयुक्त के निर्देशों के अनुपालन में प्रवर्तन अधिकारियों की टीमें सड़क पर उतर चुकी हैं। अनफिट वाहनों को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। एआरटीओ नन्द कुमार ने बताया कि: स्कूली वाहनों की जांच निर्धारित मानकों के आधार पर की जाएगी। जांच में खरा उतरने के बाद ही नया फिटनेस प्रमाण पत्र जारी होगा। बिना वैध दस्तावेजों के वाहन चलाने पर समस्त जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधक और वाहन स्वामी की होगी।
अभिभावकों की सुरक्षा सर्वोपरि
प्रशासन ने स्कूल प्रबंधकों को सख्त ताकीद की है कि वे केवल उन्हीं वाहनों को सड़क पर उतारें जिनके पास वैध फिटनेस प्रमाण पत्र और परमिट हो। इस कदम का उद्देश्य स्कूली बच्चों की यात्रा को सुरक्षित बनाना और तकनीकी खामियों के कारण होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोकना है।

