जांच में मुख्य रूप से ‘पेट पूजा’ (Pet Pooja) नामक बिलिंग ऐप का इस्तेमाल पकड़ा गया है। इस ऐप में बिक्री की एंट्री कुछ समय बाद खुद-ब-खुद डिलीट हो जाती थीं, जिससे वास्तविक टर्नओवर छिपाकर आयकर रिटर्न में कम आय दिखाई जा रही थी। इससे करोड़ों रुपये की कर चोरी का संदेह है। विभाग ने डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित रिस्क विश्लेषण से इन संदिग्ध प्रतिष्ठानों का चयन किया था।
शामिल प्रमुख दुकानें:
नोएडा: अग्रवाल स्वीट्स (दो आउटलेट)
बुलंदशहर: बंसल बीकानेर (तीन आउटलेट)
गाजियाबाद: लोकनाथ स्वीट्स (दो दुकानें)
छापेमारी के दौरान कंप्यूटर सिस्टम, सॉफ्टवेयर लॉग्स, डिजिटल लेखा डेटा और वित्तीय कागजात जब्त किए गए हैं। इनका फोरेंसिक विश्लेषण जारी है, जिसमें महत्वपूर्ण डिजिटल प्रमाण मिले हैं। यह कार्रवाई पूरे देश में चल रहे आयकर विभाग के सर्च और सर्वे अभियान का हिस्सा है, जहां रेस्टोरेंट और फूड बिजनेस में बिलिंग हेराफेरी के कई मामले सामने आ रहे हैं।
छापे की खबर फैलते ही स्थानीय व्यापारियों में हड़कंप मच गया है। कई दुकानदार अपने रिकॉर्ड चेक करने लगे हैं। आयकर विभाग ने स्पष्ट किया है कि डिजिटल बिलिंग में पारदर्शिता जरूरी है, अन्यथा सख्त कार्रवाई होगी। जांच पूरी होने पर जुर्माना, ब्याज और संभवतः अभियोजन जैसी कानूनी कार्रवाई हो सकती है। यह घटणा एनसीआर क्षेत्र के मिठाई और फूड कारोबारियों के लिए बड़ी चेतावनी है, क्योंकि विभाग आधुनिक तकनीक से कर चोरी के मामलों को पकड़ने में तेजी से सक्रिय हो रहा है। आगे की जांच से और खुलासे होने की संभावना है।

