Democracy returns after 12 years: नोएडा के सेक्टर-100 स्थित सेंचुरी अपार्टमेंट में रविवार को आमसभा की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें 22 मार्च को निवासी कल्याण संघ (RWA) का चुनाव कराने की सर्वसम्मति से घोषणा की गई। यह बैठक ऐसे समय हुई है जब डिप्टी रजिस्ट्रार (फर्म्स, सोसाइटीज़ एवं चिट्स) ने मौजूदा कार्यकारिणी को अवैध और ‘कालातीत’ (Time-barred) घोषित कर दिया है जिसके बाद सोसाइटी में नई चुनावी प्रक्रिया को लेकर हलचल तेज हो गई है।
तीन चुनाव अधिकारी नियुक्त
बैठक में आरडब्ल्यूए अध्यक्ष पवन यादव ने बताया कि सभी सदस्यों की आपसी सहमति से एडी जोशी, कर्मजीत सिंह ढींगरा और उम्मेद सिंह पवार को चुनाव अधिकारी के रूप में चुना गया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि कोई अन्य इच्छुक सदस्य चुनाव अधिकारी के रूप में अपना नाम देना चाहता है, तो वह भी आवेदन कर सकता है। 10 मार्च तक आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।
अप्रैल से नई कार्यकारिणी संभालेगी कमान
बैठक में यह प्रस्ताव भी पारित किया गया कि 22 मार्च को चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न कराए जाएं, ताकि अप्रैल माह की शुरुआत से नई निर्वाचित कार्यकारिणी सोसाइटी का कार्यभार संभाल सके। उल्लेखनीय है कि मौजूदा आरडब्ल्यूए का कार्यकाल 31 मार्च को समाप्त हो रहा है।
बकाया जमा करने की अपील
बैठक में सभी निवासियों से अपील की गई कि जिनका मासिक शुल्क या कोई अन्य बकाया है, वे 10 मार्च तक अनिवार्य रूप से जमा कर दें, ताकि चुनाव प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके।
‘कालातीत’ पत्र अभी तक नहीं मिला — पवन यादव
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही खबरों के बारे में आरडब्ल्यूए अध्यक्ष पवन यादव ने स्पष्ट किया कि आरडब्ल्यूए को कालातीत घोषित किए जाने का अभी तक कोई आधिकारिक पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा कोई पत्र आता है तो उसका विधिवत जवाब दिया जाएगा।
12 साल बाद लोकतंत्र की वापसी की उम्मीद
निवासियों का आरोप है कि मौजूदा कार्यकारिणी वर्ष 2014 के आसपास से बिना किसी नियमित चुनाव के पद पर बनी हुई थी जिसके चलते सोसाइटी प्रबंधन में भारी अनियमितताएं सामने आईं। डिप्टी रजिस्ट्रार के इस फैसले के बाद निवासियों में खुशी का माहौल है और उम्मीद जताई जा रही है कि नई चुनाव प्रक्रिया के माध्यम से एक पारदर्शी और जवाबदेह टीम सामने आएगी।
तनाव के बीच हुई बैठक, पुलिस रही तैनात
बैठक के दौरान माहौल में तनाव को देखते हुए पुलिस बल भी तैनात रखा गया। इस पूरे घटनाक्रम पर अब सभी निवासियों की नज़रें 22 मार्च पर टिकी हैं, जब सोसाइटी के भविष्य का फैसला मतपेटी से होगा।

