जेवर/नोएडा, 06 मार्च 2026: दिल्ली-NCR के दूसरे इंटरनेशनल गेटवे, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) ने अपने परिचालन की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण मील का पत्थर पार कर लिया है। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ सिविल एविएशन (DGCA) ने एयरपोर्ट को आधिकारिक तौर पर एयरोड्रोम लाइसेंस जारी कर दिया है।
यह लाइसेंस इस बात का प्रमाण है कि एयरपोर्ट का रनवे, नेविगेशन सिस्टम, सेफ्टी प्रोटोकॉल और इंफ्रास्ट्रक्चर अंतरराष्ट्रीय मानकों और एयरक्राफ्ट रूल्स, 1937 के कड़े नियमों पर खरे उतरे हैं।
प्रमुख बिंदु और वर्तमान स्थिति
- नियामक मंज़ूरी: लाइसेंस मिलने से पहले ब्यूरो ऑफ़ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) ने भी डोमेस्टिक और इंटरनेशनल कार्गो ऑपरेशंस के लिए सुरक्षा संबंधी हरी झंडी दे दी है।
- अंतिम चरण की तैयारी: अब केवल एयरोड्रोम सिक्योरिटी प्रोग्राम (ASP) की अंतिम मंज़ूरी का इंतज़ार है, जिसके बाद कमर्शियल उड़ानों का शेड्यूल और टिकटों की बिक्री शुरू हो सकेगी।
- सफल परीक्षण: दिसंबर 2024 में इंडिगो की सफल वैलिडेशन फ्लाइट ने पहले ही एयरपोर्ट के एयर ट्रैफिक कंट्रोल और नेविगेशन सिस्टम की मजबूती को साबित कर दिया था।
कनेक्टिविटी और क्षमता
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IATA कोड: DXN) न केवल यात्रा बल्कि उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास का इंजन बनेगा:
| विवरण | क्षमता/जानकारी |
|---|---|
| फेज़ 1 क्षमता | 12 मिलियन पैसेंजर प्रति वर्ष |
| अंतिम क्षमता (फेज़ 4) | 70 मिलियन पैसेंजर प्रति वर्ष |
| प्रमुख एयरलाइंस | इंडिगो, अकासा एयर, एयर इंडिया एक्सप्रेस |
| मुख्य कनेक्टिविटी | यमुना एक्सप्रेसवे (नोएडा, दिल्ली, आगरा और मथुरा से सीधी पहुँच) |
CEO क्रिस्टोफ श्नेलमैन का बयान: “यह लाइसेंस हमारी टीम के कड़े परिश्रम और आधुनिक, पैसेंजर-सेंट्रिक एयरपोर्ट बनाने की हमारी प्रतिबद्धता का परिणाम है। हम रीजनल इकोनॉमिक ग्रोथ के लिए एक कैटलिस्ट के रूप में काम करने को तैयार हैं।”
आगे की राह
एयरपोर्ट प्रशासन अब ORAT (Operational Readiness Activation and Transition) प्रोग्राम के तहत कर्मचारियों की ट्रेनिंग और सिस्टम के फाइनल ट्रायल पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। जैसे ही ASP प्रोग्राम को मंज़ूरी मिलती है, औपचारिक उद्घाटन की तारीख और उड़ानों के समय की घोषणा कर दी जाएगी।

