New Delhi news राजधानी में त्वरित जांच और प्रभावी अभियोजन का एक उदाहरण सामने आया है, जहां आईपी एस्टेट थाना पुलिस ने मोबाइल झपटमारी के एक मामले में आरोपी को घटना के महज 12 दिन के भीतर सजा दिलाने में सफलता हासिल की है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई, वैज्ञानिक जांच और तकनीक आधारित साक्ष्य संग्रहण ने मामले को तेजी से न्यायिक परिणाम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पुलिस के अनुसार 14 मई 2026 को गांधी मार्केट गोलचक्कर, मीर दर्द रोड के पास अलीगढ़ निवासी एक टैक्सी चालक अपनी गाड़ी में बैठकर अगली बुकिंग का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान मोहम्मद आदिल नामक युवक अचानक उसका रेडमी नोट-13 प्रो मोबाइल फोन छीनकर भागने लगा। पीड़ित ने तुरंत शोर मचाते हुए उसका पीछा किया।
इसी दौरान क्षेत्र में गश्त कर रहे आईपी एस्टेट थाना के कांस्टेबल राहुल की नजर घटना पर पड़ी। उन्होंने तत्परता दिखाते हुए आरोपी का पीछा किया और कुछ ही दूरी पर उसे पकड़ लिया। तलाशी के दौरान पीड़ित का मोबाइल फोन भी आरोपी के कब्जे से बरामद कर लिया गया।
मामले की जांच हेड कांस्टेबल नदीम ने आधुनिक तकनीक और नए आपराधिक कानूनों के प्रावधानों के तहत की। जांच के दौरान ई-साक्ष्य एप के माध्यम से बरामदगी और जब्ती प्रक्रिया की आॅडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई, जिससे जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता और साक्ष्यों की मजबूती सुनिश्चित हुई।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले भी आपराधिक मामलों में संलिप्त रह चुका है। पुलिस ने घटना के चार दिन के भीतर अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। सुनवाई के दौरान इलेक्ट्रॉनिक और दस्तावेजी साक्ष्यों को प्रभावी तरीके से पेश किया गया, जिसके आधार पर अदालत ने 26 मई को आरोपी को दोषी करार दिया।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह मामला तकनीक आधारित जांच, नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और पुलिस-अभियोजन के समन्वय का सफल उदाहरण है, जिससे कम समय में न्याय सुनिश्चित किया जा सका।
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