Iran-US-Israel conflict: खमेनेई की मौत के बाद हमले जारी, खाड़ी देशों में भारतीयों में चिंता लेकिन फर्जी खबरों से पैनिक फैला

Iran-US-Israel conflict: अमेरिका और इजराइल के संयुक्त सैन्य अभियान में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतोल्लाह अली खमेनेई की मौत हो चुकी है। 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए हमलों में ईरान के कई टॉप लीडर मारे गए, जिसके बाद ईरान ने बदले में इजराइल, अमेरिकी ठिकानों और खाड़ी देशों (दुबई, दोहा, मनामा, कुवैत आदि) पर मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर दिए हैं। संघर्ष का तीसरा दिन चल रहा है और दोनों तरफ हताहतों की संख्या बढ़ रही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस ऑपरेशन (अमेरिका: Operation Epic Fury, इजराइल: Roaring Lion) को ईरान के परमाणु कार्यक्रम और ‘आतंकवादी रिजीम’ को खत्म करने का अभियान बताया है। ईरानी राज्य मीडिया ने खमेनेई को ‘शहीद’ घोषित किया है और पूरे देश में 40 दिन का शोक मनाया जा रहा है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजश्कियन ने बदला लेने की कसम खाई है। अब तक ईरान में 555 से ज्यादा लोग मारे गए हैं, जबकि इजराइल और अमेरिका के कुछ सैनिक भी शहीद हुए हैं। ईरान की जवाबी कार्रवाई में खाड़ी देशों के शहरों में विस्फोटों की खबरें आई हैं। दुबई, दोहा और मनामा में मिसाइलें दागी गईं, लेकिन यूएई और अन्य देशों की एयर डिफेंस सिस्टम ने ज्यादातर को रोक लिया। कुछ जगहों पर मलबा गिरने से मामूली नुकसान हुआ है। कुवैत में कुछ अमेरिकी विमान क्रैश होने की खबर भी आ रही है। लेबनान में हिजबुल्लाह के साथ टकराव बढ़ गया है।

खाड़ी देशों में भारतीयों की स्थिति और सोशल मीडिया पर विवाद
खाड़ी देशों में करीब 90 लाख भारतीय रहते हैं। संघर्ष के चलते एयरलाइंस ने कई उड़ानें रद्द कर दी हैं (दिल्ली एयरपोर्ट पर 100+ फ्लाइट्स प्रभावित)। विदेश मंत्रालय (MEA) ने भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने और लोकल सरकारों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। कुछ भारतीयों को सुरक्षित निकाला भी गया है।

लेकिन इस बीच भारतीय मीडिया (आज तक, न्यूज18, एबीपी आदि चैनलों) पर फर्जी और पुरानी वीडियो चलाकर पैनिक फैलाने का आरोप लग रहा है। सोशल मीडिया पर दुबई और यूएई के भारतीय रेसिडेंट्स ने वीडियो पोस्ट कर कहा है – “डियर इंडियंस, प्लीज डोंट पैनिक। यूएई सरकार सब संभाल रही है। लोकल न्यूज और गवर्नमेंट हैंडल फॉलो करें, फेक न्यूज न फैलाएं।” एक दुबई निवासी रोहित ने चैनलों पर टीआरपी के लिए सनसनीखेज कवरेज का आरोप लगाया। यूएई सरकार ने फेक न्यूज शेयर करने पर 2 लाख दिरहम (लगभग 45 लाख रुपये) तक जुर्माने की चेतावनी भी दी है। सोशल मीडिया पर खाड़ी देशों के भारतीयों को “अपने मीडिया की वजह से” ट्रोल किया जा रहा है। कई वीडियो वायरल हो रहे हैं जिसमें क्लेम किया गया कि बुर्ज खलीफा या दुबई एयरपोर्ट पर हमला हुआ – लेकिन फैक्ट चेक में ये पुरानी या गलत वीडियो साबित हो चुके हैं। ईरान के एंबेसी ने भी भारत में फेक अकाउंट्स को खारिज कर दिया है।

विश्वसनीय स्रोतों पर भरोसा करें
अभी स्थिति तनावपूर्ण है, लेकिन खाड़ी देशों में सामान्य जीवन ज्यादातर जगह बरकरार है। भारतीय नागरिकों से अपील है – केवल आधिकारिक स्रोत (MEA, यूएई/सऊदी सरकार के हैंडल, रॉयटर्स, एपी, अल जजीरा आदि) से जानकारी लें। अफवाहें न फैलाएं, इससे सिर्फ अपने ही समुदाय को नुकसान पहुंचता है। भारत सरकार ने इजराइल, ईरान और खाड़ी देशों के नेताओं से संपर्क कर भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आश्वासन लिया है। स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

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