खाड़ी देशों में भारतीयों की स्थिति और सोशल मीडिया पर विवाद
खाड़ी देशों में करीब 90 लाख भारतीय रहते हैं। संघर्ष के चलते एयरलाइंस ने कई उड़ानें रद्द कर दी हैं (दिल्ली एयरपोर्ट पर 100+ फ्लाइट्स प्रभावित)। विदेश मंत्रालय (MEA) ने भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने और लोकल सरकारों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। कुछ भारतीयों को सुरक्षित निकाला भी गया है।
लेकिन इस बीच भारतीय मीडिया (आज तक, न्यूज18, एबीपी आदि चैनलों) पर फर्जी और पुरानी वीडियो चलाकर पैनिक फैलाने का आरोप लग रहा है। सोशल मीडिया पर दुबई और यूएई के भारतीय रेसिडेंट्स ने वीडियो पोस्ट कर कहा है – “डियर इंडियंस, प्लीज डोंट पैनिक। यूएई सरकार सब संभाल रही है। लोकल न्यूज और गवर्नमेंट हैंडल फॉलो करें, फेक न्यूज न फैलाएं।” एक दुबई निवासी रोहित ने चैनलों पर टीआरपी के लिए सनसनीखेज कवरेज का आरोप लगाया। यूएई सरकार ने फेक न्यूज शेयर करने पर 2 लाख दिरहम (लगभग 45 लाख रुपये) तक जुर्माने की चेतावनी भी दी है। सोशल मीडिया पर खाड़ी देशों के भारतीयों को “अपने मीडिया की वजह से” ट्रोल किया जा रहा है। कई वीडियो वायरल हो रहे हैं जिसमें क्लेम किया गया कि बुर्ज खलीफा या दुबई एयरपोर्ट पर हमला हुआ – लेकिन फैक्ट चेक में ये पुरानी या गलत वीडियो साबित हो चुके हैं। ईरान के एंबेसी ने भी भारत में फेक अकाउंट्स को खारिज कर दिया है।
विश्वसनीय स्रोतों पर भरोसा करें
अभी स्थिति तनावपूर्ण है, लेकिन खाड़ी देशों में सामान्य जीवन ज्यादातर जगह बरकरार है। भारतीय नागरिकों से अपील है – केवल आधिकारिक स्रोत (MEA, यूएई/सऊदी सरकार के हैंडल, रॉयटर्स, एपी, अल जजीरा आदि) से जानकारी लें। अफवाहें न फैलाएं, इससे सिर्फ अपने ही समुदाय को नुकसान पहुंचता है। भारत सरकार ने इजराइल, ईरान और खाड़ी देशों के नेताओं से संपर्क कर भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आश्वासन लिया है। स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

