नोएडा। सेक्टर 56 स्थित ‘उत्तराखंड पब्लिक स्कूल’ के छात्रों और अभिभावकों के लिए एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है। लंबे समय से विवादों में घिरे इस स्कूल की मान्यता रद्द करने का फैसला लिया गया है, जिसके बाद अब यहां पढ़ रहे करीब 1500 छात्र-छात्राओं के भविष्य पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
हाईकोर्ट के रुख के बाद सीबीएसई (CBSE) की सख्त कार्रवाई
ताजा जानकारी के अनुसार, स्कूल प्रबंधन पर लगे गंभीर आरोपों और नियम विरुद्ध गतिविधियों पर संज्ञान लेते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने स्कूल की वरिष्ठ माध्यमिक स्तर (Senior Secondary Level) तक की संबद्धता (Affiliation) रद्द कर दी है।
यह कार्रवाई शिक्षकों द्वारा प्रबंधन के खिलाफ कोर्ट और बोर्ड में की गई शिकायतों के बाद की गई है। शिकायतों में महिला शिक्षिकाओं के शोषण, वेतन से जबरन कटौती और प्रबंधन द्वारा धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। जांच कमेटी की रिपोर्ट में इन आरोपों की पुष्टि होने के बाद बोर्ड ने यह कड़ा कदम उठाया है।
छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता
स्कूल की मान्यता रद्द होने की खबर फैलते ही अभिभावकों में हड़कंप मच गया है।
सत्र के बीच संकट: बोर्ड परीक्षाओं और नए शैक्षणिक सत्र की तैयारियों के बीच इस फैसले से छात्र मानसिक तनाव में हैं।
कक्षा 9वीं से 12वीं तक सबसे अधिक प्रभावित: संबद्धता रद्द होने का सीधा असर कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों पर पड़ेगा, क्योंकि वे अब इस स्कूल के माध्यम से बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे।
बकाया और सीलिंग का इतिहास: गौरतलब है कि इस स्कूल पर नोएडा प्राधिकरण का करीब 15.49 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया भी है, जिसके चलते पूर्व में भी स्कूल को सील करने की नौबत आ चुकी थी।
आगे क्या होगा?
शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार, अब प्राथमिकता छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने की है।
शिफ्टिंग की प्रक्रिया: नियमानुसार, मान्यता रद्द होने की स्थिति में छात्रों को पास के अन्य मान्यता प्राप्त स्कूलों में शिफ्ट किया जा सकता है ताकि उनकी पढ़ाई का नुकसान न हो।
अभिभावकों की मांग: अभिभावक अब जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं ताकि उनके बच्चों का साल खराब न हो और उन्हें सुचारू रूप से दूसरे स्कूलों में दाखिला मिल सके।
स्कूल प्रिंसिपल का बयान
उत्तराखंड स्कूल की प्रिंसिपल मोहिनी नेगी का कहना है कि इस आदेश को आगे चुनौती दी जाएगी बच्चों के भविष्य को देखते हुए स्कूल पूरी क़ानूनी कार्रवाई लड़ने को तैयार है।

