Yamuna City to become a global hub: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सिंगापुर यात्रा प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए एक मील का पत्थर साबित हुई है। इस यात्रा के दौरान यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र, जिसे ‘यमुना सिटी’ के नाम से जाना जाता है, में भारी निवेश पर सहमति बनी है। सिंगापुर की दिग्गज कंपनियां अब उत्तर प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिटी, डेटा सेंटर और लॉजिस्टिक पार्क जैसे हाई-टेक प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगी।
तीन प्रमुख समझौतों पर लगी मुहर
मुख्यमंत्री के साथ इस दौरे पर गए यीडा (YEIDA) के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि सिंगापुर की प्रमुख कंपनी यूनिवर्सल सक्सेस समूह (Universal Success Group) के साथ उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इन समझौतों के तहत कुल 6,650 करोड़ रुपये का निवेश सुनिश्चित किया गया है।
ये निवेश निम्नलिखित क्षेत्रों में किए जाएंगे:
- लॉजिस्टिक पार्क: माल ढुलाई और व्यापार को गति देने के लिए अत्याधुनिक हब का निर्माण।
- डेटा सेंटर: डिजिटल इंडिया की जरूरतों को पूरा करने के लिए विशाल डेटा स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर।
- रियल एस्टेट: विश्वस्तरीय आवासीय और व्यावसायिक बुनियादी ढांचे का विकास।
एआई सिटी से बदलेगी क्षेत्र की सूरत
इस निवेश का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा ‘एआई सिटी’ (AI City) का विकास है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विजन उत्तर प्रदेश को आईटी और तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी बनाना है। यमुना सिटी में एआई सिटी बनने से न केवल स्थानीय स्तर पर हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तकनीकी स्टार्टअप्स और सॉफ्टवेयर कंपनियों के लिए पसंदीदा ठिकाना बन जाएगा।
क्यों खास है यमुना सिटी का चुनाव?
सिंगापुर की कंपनियों ने यमुना सिटी को इसके रणनीतिक स्थान के कारण चुना है। यहाँ की खूबियां निवेश को आकर्षित कर रही हैं:
- जेवर एयरपोर्ट: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के करीब होने से ग्लोबल कनेक्टिविटी।
- मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी: एक्सप्रेसवे, प्रस्तावित पॉड टैक्सी और रेलवे के साथ बेहतर तालमेल।
- औद्योगिक ढांचा: यहाँ पहले से ही मेडिकल डिवाइस पार्क और टॉय पार्क जैसे प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है।
“सिंगापुर के साथ हुए ये समझौते उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। इससे न केवल राजस्व बढ़ेगा, बल्कि तकनीकी नवाचार (Innovation) को भी नई दिशा मिलेगी।” — राकेश कुमार सिंह, सीईओ, यीडा
रोजगार और विकास की नई लहर
इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से न केवल बुनियादी ढांचा मजबूत होगा, बल्कि भारी संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। डेटा सेंटर और एआई सिटी के जरिए स्किल्ड प्रोफेशनल्स के लिए नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में अवसरों की बाढ़ आने की उम्मीद है।

