Uproar over temple construction in Mahagun Maple Society Noida: तहसीलदार प्रज्ञा सिंह पर अभद्रता के आरोप, वीडियो वायरल, स्थिति तनावपूर्ण

Uproar over temple construction in Mahagun Maple Society Noida: नोएडा के सेक्टर-50 स्थित लग्जरी हाईराइज सोसाइटी महागुन मेपल में सोसाइटीवासियों द्वारा बनाए जा रहे भगवान के मंदिर को रोकने पहुंचे प्रशासनिक अमले और पुलिस के खिलाफ स्थानीय निवासियों ने रविवार को जमकर हंगामा किया। दादरी तहसील की तहसीलदार/एसडीएम प्रज्ञा सिंह पर सोसाइटी वासियों ने अभद्र व्यवहार, धमकाने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें तनावपूर्ण माहौल साफ दिख रहा है।

क्या है पूरा मामला?
सोसाइटी के कुछ निवासियों ने कॉमन एरिया या परिसर में मंदिर निर्माण शुरू कर दिया था। इसके खिलाफ सोसाइटी के ही कुछ अन्य निवासियों ने शिकायत की, जिसमें बिना अनुमति अवैध निर्माण का मुद्दा उठाया गया। शिकायत के आधार पर दादरी तहसील प्रशासन ने कार्रवाई की। रविवार 22 फरवरी को भारी पुलिस बल के साथ तहसीलदार प्रज्ञा सिंह मौके पर पहुंचीं और निर्माण कार्य तत्काल रोकने के आदेश दिए।

निवासियों का गुस्सा
मंदिर निर्माण समर्थक निवासियों ने इस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया गया। उन्होंने नारेबाजी की, तहसीलदार पर अभद्रता करने और उन्हें धमकाने का आरोप लगाया। एक वायरल वीडियो में प्रज्ञा सिंह को सोसाइटी वासियों से बहस करते हुए देखा जा सकता है, जिसमें माहौल काफी गर्म दिख रहा है। निवासियों का कहना है कि मंदिर केवल धार्मिक भावना से बनाया जा रहा था और प्रशासन ने बिना किसी नोटिस के जबरन रोकने की कोशिश की।

प्रशासन का पक्ष
प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह नियमों के अनुसार की गई है। सोसाइटी परिसर में नोएडा अथॉरिटी या सोसाइटी के बिल्डिंग बायलॉज के बिना कोई भी स्थायी निर्माण अवैध माना जाता है। ऐसे में शिकायत मिलने पर तत्काल हस्तक्षेप जरूरी था। फिलहाल निर्माण कार्य पूरी तरह रोक दिया गया है और मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है।

मामला कहां का?
यह पूरा मामला सेक्टर-49 थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। थाना प्रभारी ने बताया कि स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है। कोई अप्रिय घटना नहीं हुई और कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा रही है। सोसाइटी में बंटी राय
महागुन मेपल एक पॉश सोसाइटी है, जहां मंदिर निर्माण को लेकर निवासियों में दो फाड़ हो गए हैं। कुछ इसे धार्मिक एकता का प्रतीक बता रहे हैं तो कुछ कह रहे हैं कि कॉमन एरिया में ऐसा निर्माण ट्रैफिक, पार्किंग और सोसाइटी के नियमों के खिलाफ है।

अभी तक नोएडा अथॉरिटी या जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है कि आगे क्या होगा। निवासियों की मांग है कि उचित प्रक्रिया अपनाकर मंदिर निर्माण की अनुमति दी जाए, जबकि प्रशासन कह रहा है कि सभी पक्षों को सुनकर फैसला लिया जाएगा। सोमवार सुबह तक कोई नई हिंसा की खबर नहीं है, लेकिन सोसाइटी में तनाव बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नोएडा अथॉरिटी से हस्तक्षेप की अपील की है। यह घटना एक बार फिर शहर के पॉश इलाकों में धार्मिक निर्माण और कानूनी प्रक्रिया के बीच उभरने वाले विवाद को उजागर करती है। आगे की जानकारी के लिए प्रशासनिक और पुलिस सूत्रों पर नजर रखी जा रही है।

यहां से शेयर करें