चीनी नागरिकों के सबसे बड़े मददगार नटवरलाल के खाते आए थे 11 करोड

 

उत्त्र प्रदेश एसटीएफ ने जिला न्यायालय में पेश किए गए आरोप पत्र में बताया गया है कि रवि के बैंक खाते में नारायणी फाइनेंस कंपनी से करीब 11 करोड रुपये और दूसरे खाते में 58 लाख हस्तांतरित किए गए। कंपनियां फर्जी दस्तावेज पर बनाई गईं।
चीनीे नागरिकों व भारतीय मददगारों के देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने के मामले में नया खुलासा हुआ हैं। एसटीएफ व अन्य एजेंसियों की जांच में सामने आया है कि चीन के नागरिकों के सबसे बड़े मददगार रवि नटवरलाल के खाते में नारायण फाइनेंस कंपनी से दो बार में करीब 11 करोड़ रुपये की रकम आई थी।

रवि और उसका भाई जयकुमार संड्डेन फिक्स प्राइवेट लि. और तियांशांग रेंजियां प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में निदेशक हैं। जबकि लोन एप से प्राप्त हुई धनराशि के संबंध में पूछने के लिए गिरफ्तारी से कुछ दिन पहले तिब्बती दोरजी जेल में भी मिलने गया था।

एसटीएफ की ओर से जिला न्यायालय कोर्ट में पेश किए गए आरोप पत्र में बताया गया है कि रवि के बैंक खाते में नारायणी फाइनेंस कंपनी से करीब 11 करोड रुपये और दूसरे खाते में 58 लाख हस्तांतरित किए गए। कंपनियां फर्जी दस्तावेज पर बनाई गईं। इसके अलावा नारायणी प्रालि से लडन फिक्स कंपनी में और फिर सइफन फिक्स कंपनी से कोटक महिंद्रा के बैंक के खाते में पैसे गए हैं। मालूम हो कि इनके एक साथी को सूचना के आधार पर नेपाल बोर्डर से अरेस्ट किया था। इसके बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा में छापेमारी की गई जिसके बाद नटवारलाल पुलिस गिरफत में आया।

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