नोएडा। नोएडा के हिंडन डूब क्षेत्र में बिजली कनेक्शन काटे जाने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। बिजली आपूर्ति बंद होने से परेशान करीब 40 कॉलोनियों के निवासी रविवार यानी को पर्थला गांव के पुस्ता रोड पर महापंचायत करेंगे। भारतीय किसान परिषद के नेतृत्व में होने वाली इस महापंचायत में बिजली कनेक्शन बहाल कराने और भविष्य की रणनीति को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है। सबसे बड़ा सवाल ये है कि डूब क्षेत्र में गरीब लोगों को प्लाट किसने बेचे एवं जिम्मेदार अफसर कहां थे। हर एक व्यक्ति का सपना होता हे कि उसका अपना घर हो। इसका फायदा उठाकर भूमाफियाओं ने ऐसे लोगों को ही निशाना बनाया। क्या डूब क्षेत्र को बसाने में प्राधिकरण, सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन के अफसर जिम्मेदार नही है। उन पर कार्रवाई नही होने चाहिए। बिजली विभाग के अफसर भी पूरे दोषी है। क्योकि पहले बिजली क्यो दी और अब क्यो काटी।
बता दें कि विद्युत निगम की कार्रवाई में डूब क्षेत्र में बड़ी संख्या में अनधिकृत बिजली कनेक्शन काटे गए हैं। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक अभियान के दौरान 3,000 से अधिक कनेक्शन काटे गए, जबकि बाद की कार्रवाई में यह संख्या 3,500 से अधिक तक पहुंचने की बात सामने आई है। कई मामलों में बिजली चोरी से संबंधित एफआईआर भी दर्ज की गई हैं।
40 कॉलोनियों के लोग करेंगे महापंचायत
बिजली संकट से जूझ रहे डूब क्षेत्र के लोगों ने अब सामूहिक रूप से अपनी आवाज शासन तक पहुंचाने का फैसला किया है। रविवार को पर्थला गांव के पुस्ता रोड पर होने वाली महापंचायत में करीब 40 कॉलोनियों के लोग शामिल होंगे। भारतीय किसान परिषद के नेतृत्व में होने वाली इस बैठक में बिजली कनेक्शन के मुद्दे पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। लोगों का कहना है कि अचानक बिजली कटने से हजारों परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हुई है।
छह दिन से हजारों घर अंधेरे में
कनेक्शन काटे जाने के बाद डूब क्षेत्र की कई कॉलोनियों में लगातार छह दिन से बिजली आपूर्ति प्रभावित है। गर्मी के बीच बिजली नहीं होने से लोगों को पानी, बच्चों की पढ़ाई, घरेलू उपकरण और अन्य जरूरी कामों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे वर्षों से इन इलाकों में रह रहे हैं और बिजली की व्यवस्था का इस्तेमाल करते आ रहे थे। अब एक साथ कनेक्शन काटे जाने के बाद उनके सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
वर्षों से चल रही थी बिजली आपूर्ति
डूब क्षेत्र में पिछले एक दशक से भी अधिक समय से बड़ी आबादी रह रही है। स्थानीय लोगों का दावा है कि इन इलाकों में लंबे समय से ठेकेदारों के माध्यम से बिजली की आपूर्ति की जा रही थी। अब शासन स्तर पर मामला पहुंचने के बाद विद्युत निगम ने इस नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।
हालांकि, बिजली विभाग की ओर से कार्रवाई को अनधिकृत कनेक्शन और बिजली चोरी के खिलाफ अभियान बताया गया है। अधिकारियों के मुताबिक जांच के दौरान अनधिकृत कनेक्शन, बिजली वितरण के लिए इस्तेमाल हो रहे उपकरण और अवैध लाइनें मिलीं।
3 हजार से अधिक कनेक्शन काटे, एफआईआर भी
विद्युत निगम की संयुक्त टीम ने हिंडन के डूब क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में अभियान चलाकर हजारों कनेक्शन काटे। कार्रवाई के दौरान करीब 300 मीटर अवैध 11 केवी लाइन और 10 अनधिकृत ट्रांसफार्मर जब्त किए जाने की भी रिपोर्ट है। बिजली चोरी और अनधिकृत वितरण के मामले में कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। बाद की रिपोर्टों में चार दिन की कार्रवाई के दौरान 3,500 से अधिक कनेक्शन काटे जाने और 40 से ज्यादा एफआईआर दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है।
विरोध बढ़ने के बाद कार्रवाई पर लगी रोक
लगातार विरोध और स्थानीय लोगों के आक्रोश के बीच बिजली विभाग ने डूब क्षेत्र में चल रहे अभियान को अस्थायी तौर पर रोक दिया है। रिपोर्ट के अनुसार छिजारसी, पर्थला खानजारपुर, सोरखा, चोटपुर और गढ़ी चौखंडी समेत कई इलाकों में कार्रवाई रोकी गई है।
इस बीच नोएडा विधायक पंकज सिंह ने भी मुख्यमंत्री कार्यालय और बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क कर डूब क्षेत्र में रहने वाले लोगों की स्थिति से अवगत कराया है। उन्होंने वैध बिजली कनेक्शन वाले घरों के कनेक्शन नहीं काटने और जरूरत पड़ने पर मानवीय आधार पर अस्थायी व्यवस्था पर विचार करने की मांग की है।
महापंचायत में तय होगी आगे की लड़ाई
रविवार की महापंचायत को इस पूरे विवाद में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्थानीय लोग बिजली कनेक्शन के मुद्दे को शासन तक पहुंचाने के साथ ही यह तय कर सकते हैं कि आगे प्रशासन और विद्युत निगम के सामने किस तरह अपनी मांग रखी जाए।
लोगों की प्रमुख मांग बिजली आपूर्ति बहाल करने और कनेक्शन को लेकर स्पष्ट नीति बनाने की है। वहीं दूसरी ओर विद्युत निगम के सामने अनधिकृत बिजली नेटवर्क और बिजली चोरी पर कार्रवाई की चुनौती है।
डूब क्षेत्र में बिजली संकट बना बड़ा मुद्दा
हिंडन डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण और अनधिकृत कॉलोनियों का मुद्दा लंबे समय से प्रशासन के सामने रहा है। अब बिजली कनेक्शन काटे जाने के बाद यह मामला कानून, प्रशासनिक कार्रवाई और मानवीय जरूरतों के बीच उलझता दिखाई दे रहा है।
रविवार को होने वाली महापंचायत में यदि बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं तो बिजली संकट को लेकर स्थानीय स्तर पर आंदोलन और तेज होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल सभी की नजरें महापंचायत में लिए जाने वाले फैसलों और शासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

