ट्विशा शर्मा केस: गवाह पर कैमरे में कैद हुआ बर्बर हमला, आरोपी पति के दोस्तों पर जान से मारने की धमकी का इल्ज़ाम, सीबीआई जांच के बीच न्याय की राह में नया अवरोध

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले ने एक नया और चिंताजनक मोड़ ले लिया है। इस संवेदनशील मामले के एक अहम गवाह पर बीते 31 मई को खुलेआम हमला किया गया, जिसकी तस्वीरें सीसीटीवी कैमरे में क़ैद हो गईं और वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया। हमले का शिकार हुए नीरज दुबे कटारा हिल्स इलाक़े में ‘सांची पार्लर’ चलाते हैं और उन्हें ट्विशा शर्मा की मौत की प्रारंभिक जांच के दौरान बनाए गए पंचनामे में गवाह के रूप में शामिल किया गया था।

क्या है पूरा मामला?

नीरज दुबे ने आरोप लगाया है कि केस के मुख्य आरोपी समर्थ सिंह के दोस्तों ने उन पर बीच सड़क पर हमला किया। वायरल सीसीटीवी फुटेज में 4 से 5 हमलावर नीरज दुबे को यह कहते हुए दबाव डालते दिख रहे हैं कि वह इस केस में गवाही न दें। “इस केस में गवाह क्यों बन रहे हो?” यह सवाल पूछते हुए उन्हें बुरी तरह पीटा गया और भविष्य में और गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई। दुबे के अनुसार, समर्थ सिंह के दोस्त संदीप भट्टाचार्य समेत कई अन्य लोगों ने उन पर हमला किया और जान से मारने की धमकी दी। दुबे का कहना है कि उन्होंने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

पुलिस का रुख़ — मामले को मुख्य केस से अलग बताने की कोशिश?

कटारा हिल्स पुलिस का कहना है कि यह झड़प सीधे ट्विशा केस से जुड़ी नहीं लगती। अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच जारी है और जांच के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। हालांकि पीड़ित नीरज दुबे पुलिस के इस रुख़ से असंतुष्ट हैं और उनका कहना है कि उनकी जान को ख़तरा बना हुआ है।

ट्विशा शर्मा, कौन थीं और क्यों है यह केस इतना संवेदनशील?

ट्विशा शर्मा की मौत 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित उनके ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी, यह घटना उनकी शादी के महज़ छह महीने बाद घटी। उनके परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्हें ससुराल में दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था, जो 9 दिसंबर 2025 को हुई उनकी शादी के बाद से लगातार जारी था। मामले की गंभीरता और आरोपियों की पृष्ठभूमि समर्थ सिंह की माँ गिरिबाला सिंह एक सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश हैं, को देखते हुए परिवार ने न्याय की माँग तेज़ की। बढ़ते सार्वजनिक दबाव और जांच में खामियों के आरोपों के चलते मध्यप्रदेश सरकार ने मामला सीबीआई को सौंप दिया।

सीबीआई की जांच — अहम पड़ाव पर पहुँची तफ़्तीश

सोमवार को सीबीआई की टीम कटारा हिल्स स्थित पूर्व जज गिरिबाला सिंह के निवास पर पहुँची और लगभग 80 किलोग्राम वजनी पुतले (डमी) की सहायता से क्राइम सीन का री-क्रिएशन किया। इस दौरान आरोपी गिरिबाला सिंह और उनके पुत्र समर्थ सिंह को भी घटनास्थल पर ले जाया गया। सीबीआई ने जांच में अत्याधुनिक ‘टनल व्यू’ तकनीक का उपयोग करते हुए ट्विशा के अंतिम घंटों की मिनट-दर-मिनट टाइमलाइन तैयार करने का काम शुरू कर दिया है। एजेंसी सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन रिकॉर्ड, वाई-फाई गतिविधि, इंटरनेट ब्राउज़िंग इतिहास और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) का मिलान कर एक डिजिटल सिमुलेशन बना रही है। सीबीआई यह समझने की कोशिश कर रही है कि 12 मई की रात आखिर क्या हुआ था, और घटनाओं का क्रम क्या रहा। गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह फ़िलहाल पाँच दिन की सीबीआई रिमांड पर हैं।

गवाह पर हमला — न्याय की राह में बड़ा ख़तरा

यह हमला उसी जगह के पास हुआ जहाँ पूर्व जज गिरिबाला सिंह का निवास है। गवाह पर इस तरह के हमले ने यह सवाल उठा दिया है कि क्या मामले में साक्ष्यों को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है। परिवार शुरू से ही दहेज प्रताड़ना, मानसिक उत्पीड़न और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ के आरोप लगाता रहा है। अब सवाल यह है कि सीबीआई इस नए घटनाक्रम को अपनी जांच में कैसे शामिल करती है और पीड़ित गवाह को सुरक्षा मिलती है या नहीं। देशभर में ट्विशा के परिजनों और सामाजिक संगठनों ने गवाह की सुरक्षा की माँग की है और इस मामले को दहेज उत्पीड़न के ख़िलाफ़ एक बड़े आंदोलन की शक्ल दे दी है।

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