खाड़ी देश प्रभावित, तेल आपूर्ति बाधित। ट्रंप ने युद्धविराम समाप्त घोषित किया, लेकिन बातचीत जारी।
ईरान-अमेरिका युद्ध: वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को नई चुनौती देते हुए अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान पर नए और शक्तिशाली हमले किए हैं, जबकि तेहरान ने विश्व के तेल परिवहन के प्रमुख मार्ग स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को बंद करने की घोषणा कर दी है। इस घटनाक्रम से खाड़ी देशों में अस्थिरता बढ़ गई है और वैश्विक तेल कीमतें आसमान छू रही हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी क्रांतिकारी गार्ड कोर (IRGC) ने एक साइप्रस-ध्वज वाले कंटेनर जहाज M/V GFS Galaxy पर चेतावनी गोली चलाई, जिससे जहाज के इंजन रूम को गंभीर क्षति पहुंची और एक सिविलियन क्रू सदस्य लापता हो गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इसे “अनधिकृत मार्ग” पर चल रहे जहाज पर हमला बताया और जवाबी कार्रवाई में ईरान के 80 से अधिक सैन्य लक्ष्यों पर हमले किए, जिनमें एयर डिफेंस सिस्टम, कोस्टल रडार, मिसाइल साइट्स और फास्ट बोट्स शामिल हैं।
ईरान का जवाब: तेहरान ने स्पष्ट चेतावनी दी कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य “अमेरिकी हस्तक्षेप समाप्त होने तक” बंद रहेगा। IRGC ने कहा कि कोई भी जहाज बिना अनुमति के उत्तरी गलियारे (ईरानी जलक्षेत्र) से नहीं गुजर सकेगा। इससे पहले के दिनों में भी तीन वाणिज्यिक टैंकरों (सऊदी और कतरी) पर हमलों के बाद अमेरिका ने ईरानी तेल बिक्री की छूट रद्द कर दी थी।
युद्धविराम का अंत और कूटनीतिक प्रयास
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जून में हस्ताक्षरित युद्धविराम को “समाप्त” घोषित कर दिया है, हालांकि उन्होंने बातचीत का दरवाजा खुला रखा है। ओमान और कतर जैसे मध्यस्थ देशों के प्रयास जारी हैं। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने ओमान में मुलाकात की और तकनीकी-राजनीतिक स्तर पर चर्चा का प्रस्ताव दिया। CNN के अनुसार, ओमान ने दक्षिणी गलियारे को मुक्त रखने और उत्तरी गलियारे के लिए ईरानी मंजूरी का मसौदा तैयार किया है। ईरान के नए सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह मोजतबा खामेनेई ने पिता (पूर्व नेता) की हत्या का बदला लेने की शपथ ली। तेहरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर हमलों की धमकी दी है, जबकि जॉर्डन, कतर, कुवैत और बहरीन जैसे देश प्रभावित हुए हैं।
वैश्विक प्रभाव
तेल आपूर्ति: हॉर्मुज से पहले विश्व का पांचवां हिस्सा तेल और LNG गुजरता था। अब यातायात लगभग ठप है, जिससे कीमतें बढ़ रही हैं।
क्षति: अमेरिकी हमलों में ईरान में 14 से अधिक मौतें और 78 घायल होने की खबर है। ईरान ने जवाबी हमलों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया।
आर्थिक असर: वैश्विक मुद्रास्फीति बढ़ने का खतरा, खासकर गैसोलीन कीमतों से ट्रंप प्रशासन पर राजनीतिक दबाव।
विश्लेषकों का कहना है कि ईरान इन हमलों को बातचीत में leverage के रूप में इस्तेमाल कर रहा है, जबकि अमेरिका नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने पर अड़ा है। स्थिति अत्यंत संवेदनशील बनी हुई है और आगे की घटनाएं वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकती हैं। ओमान और पाकिस्तान के साथ बातचीत चल रही है। पाठक नवीनतम जानकारी के लिए विश्वसनीय स्रोतों पर नजर रखें।

