उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित राज्यकर (GST) विभाग के सेक्टर-148 राज्यकर भवन में शुक्रवार को एक विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान तनावपूर्ण माहौल बन गया। बैठक में डिप्टी कमिश्नर वेद प्रकाश सिंह की तबीयत अचानक बिगड़ गई, वे बेहोश हो गए और उन्हें हार्ट अटैक आया। उन्हें तुरंत ग्रेटर नोएडा के कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें आईसीयू में रखा गया है। घटना ने पूरे विभाग में हड़कंप मचा दिया है और अपर आयुक्त संदीप भागिया पर अधीनस्थ अधिकारियों के साथ अभद्रता, गाली-गलौज और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगे हैं।
घटना का क्रम:
विभागीय सूत्रों और मौजूद अधिकारियों के अनुसार, अपर आयुक्त संदीप भागिया विभागीय अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। इसी दौरान डिप्टी कमिश्नर वेद प्रकाश सिंह से उनके कार्यों पर सवाल पूछे गए। सिंह ने बताया कि वे पुलिस भर्ती ड्यूटी और स्टाफ जनगणना समेत अन्य कार्यों में व्यस्त थे, फिर भी दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने एक-दो दिन का समय मांगा, लेकिन आरोप है कि भागिया ने अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया, चिल्लाया और प्रमोशन रोकने की धमकी दी। सिंह हाथ जोड़कर गुहार लगाते रहे, लेकिन माहौल उग्र होता गया। अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और वे बेहोश होकर गिर पड़े। साथी अधिकारियों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने बताया कि वे बेहोश अवस्था में आए थे और इमरजेंसी के बाद उन्हें आईसीयू में शिफ्ट करना पड़ा। उनके परिवार को सूचना दे दी गई है, जो वाराणसी (बनारस) से रवाना हो चुका है। अस्पताल में अन्य अधिकारी भी उनके समर्थन में मौजूद रहे।
अपर आयुक्त का बयान:
इस मामले में अपर आयुक्त संदीप भागिया ने आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान सिंह के कार्यों की समीक्षा हो रही थी। कुछ सवालों के जवाब मांगने पर वे उत्तेजित हो गए और चिल्लाने लगे। उन्हें मीटिंग से बाहर जाने को कहा गया, लेकिन वे और हाइपर हो गए। भागिया का कहना है कि कार्यों के बारे में पूछना उनका अधिकार है और इसमें कोई अनुचित व्यवहार नहीं हुआ। उन्होंने सिंह की तबीयत पहले से खराब होने की बात कही।
पहले भी लगे हैं आरोप:
यह कोई पहला मामला नहीं है। सूत्रों के मुताबिक, संदीप भागिया पर पहले भी अधीनस्थ अधिकारियों, खासकर महिला अधिकारियों के साथ अभद्रता, उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार के आरोप लग चुके हैं। कुछ महीने पहले महिला अधिकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शिकायत की थी, जिसमें घंटों घूरना, देर रात फोन करना और गलत व्यवहार जैसे गंभीर आरोप शामिल थे। एक सप्ताह पहले ही दूसरे डिप्टी कमिश्नर आलोक कुमार को भी माइनर हार्ट अटैक पड़ा था, जबकि मधुलिका सिंह नाम की एक महिला अधिकारी भी प्रताड़ना से परेशान बताई जा रही हैं। विभाग में काम का भारी बोझ, लंबे कार्यकाल (सुबह 10 बजे से शाम 8 बजे तक) और तनावपूर्ण माहौल के कारण कई अधिकारियों की सेहत प्रभावित हो रही है। इस घटना ने GST विभाग में कार्य संस्कृति और वरिष्ठ अधिकारियों के व्यवहार पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया:
घटना की जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की जांच होनी चाहिए ताकि विभागीय माहौल सुधरे और ऐसे दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं को रोका जा सके। वेद प्रकाश सिंह की सेहत को लेकर चिंता बनी हुई है और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की जा रही है। यह घटना न केवल एक अधिकारी की तबीयत से जुड़ी है, बल्कि सरकारी विभागों में बढ़ते तनाव, दबाव और अंतर-व्यक्तिगत संबंधों की जटिलताओं को उजागर करती है। मीडिया स्रोतों ने इसकी पुष्टि की है और आगे की जांच की मांग की जा रही है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, वेद प्रकाश सिंह की हालत स्थिर लेकिन गंभीर बनी हुई है। विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई की उम्मीद है।

