Twisha Sharma Death Case: भोपाल की मॉडल-एक्टर त्विषा शर्मा की मौत के मामले में CBI की चार्जशीट दाखिल होने के बाद विवाद तेज़ हो गया है। जांच एजेंसी ने करीब 84 दिनों की जांच के बाद भोपाल की एक अदालत में 636 पन्नों की चार्जशीट पेश की, जिसमें त्विषा की मौत को आत्महत्या करार दिया गया है। इस चार्जशीट में रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को आरोपी बनाया गया है। दोनों पर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के साथ-साथ दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत भी आरोप तय किए गए हैं, जिनमें क्रूरता और आत्महत्या के लिए उकसाना शामिल है।
हालांकि त्विषा के पिता नवनिधि शर्मा CBI की जांच के निष्कर्षों से पूरी तरह असहमत हैं। उनका कहना है कि उनकी बेटी ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उसकी सुनियोजित तरीके से हत्या की गई है। उन्होंने कहा कि परिवार को चार्जशीट में लिखी बातों से गहरा सदमा लगा है और शुरू से ही यह मामला उन्हें संदिग्ध लग रहा था। नवनिधि शर्मा ने आरोप लगाया कि जांच में एम्स की पोस्टमार्टम रिपोर्ट को आधार बनाया गया, जबकि मामले के कई पहलुओं की और गहराई से जांच होनी चाहिए थी। पिता ने साफ कर दिया है कि वे इस निष्कर्ष को स्वीकार नहीं करेंगे और अदालत का रुख करके इसे चुनौती देंगे। उन्होंने कहा कि वे अपनी बेटी को न्याय दिलाने तक कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे।
गौरतलब है कि यह मामला 12 मई 2026 का है, जब भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में त्विषा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। घटना के बाद ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताने की कोशिश की थी, लेकिन परिवार ने शुरू से ही हत्या का आरोप लगाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने इसे CBI को सौंपा था। अब चार्जशीट दाखिल होने के साथ मामला अदालत के अगले चरण में पहुंच गया है, जहां न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

