“पापा का नंबर नहीं है ये…” चतुर बच्ची की चपलता से ग्रेटर नोएडा में बचा अपहरण का प्रयास, पुलिस जांच में जुटी

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा वेस्ट में स्कूल से घर लौट रही 10 वर्षीय छात्रा के साथ कथित अपहरण का एक और गंभीर घटनाक्रम सामने आया है, जिसमें बच्ची की होशियारी और सूझ‑बूझ ने खतरनाक योजना को विफल कर दिया।  स्थानीय लोगों और पुलिस के अनुसार, बच्ची ने अपने बारे में झूठी बातें करने वाले युवक का झांसा पकड़ लिया और तुरंत घर पहुंचकर सारा मामला परिजनों को बता दिया, जिसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को दर्ज कराई गई।

घटना कैसे हुई

सूत्रों के अनुसार, ग्रेटर नोएडा वेस्ट के एक अपार्टमेंट कॉम्पलेक्स से पास के ही निजी स्कूल में पढ़ने वाली पांचवीं कक्षा की छात्रा नियमित रूप से स्कूल से घर लौटती है। बीते दिनों उसे घर लौटते समय एक युवक ने बहला‑फुसलाकर अपने साथ जाने के लिए कहा और उसे अपने पिता का नंबर डायल करने के लिए कहकर धोखा देने की कोशिश की।  बच्ची ने जब पाया कि वह नंबर सच में उसके पिता का नहीं है, तो तुरंत परिस्थिति को भांप लिया और वहां से भागकर सीधे अपने घर पहुंच गई।

पुलिस जांच और तकनीकी साक्ष्य

मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप का माहौल बन गया और स्थानीय लोगों के बीच डर‑सहम की स्थिति पैदा हो गई।  पुलिस के अनुसार, बिसरख कोतवाली प्रभारी कृष्ण गोपाल शर्मा की देखरेख में आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि आरोपी युवक की पहचान और उसकी हरकतें साफ तरीके से सामने आ सकें।  सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में अपहरण की घटना की पूरी तरह से पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन बच्ची और उसके परिजनों की लिखित शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की गहन जांच की जा रही है।

बच्ची की सूझ‑बूझ और निहित संदेश

पुलिस और स्थानीय शिक्षकों का कहना है कि बच्ची की यह बात – “पापा का ये नंबर नहीं है” – ही उसके लिए जान बचाने का काम कर गई।  इस घटना से स्पष्ट होता है कि बच्चों को धोखा देने वाले लोग अक्सर “पिता का नंबर”, “चाचा का मैसेज” जैसे झूठे बहानों का इस्तेमाल करते हैं, इसलिए अभिभावकों को बच्चों से नियमित रूप से ऐसी निर्दोष‑सी बातों पर भी सवाल‑जवाब करने की आदत डालनी चाहिए।

अभी तक की स्थिति

पुलिस ने यह स्पष्ट किया है कि बच्ची को शारीरिक रूप से कोई चोट नहीं आई और वह घर पर सुरक्षित है, लेकिन इस घटना के बाद परिवार में डर और चिंता का माहौल बना हुआ है।  उधर, प्रशासन की ओर से अभी औपचारिक आदेश जारी नहीं होने के बावजूद स्थानीय लोगों और अभिभावकों के बीच स्कूल जाते‑आते बच्चों की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है और कई लोगों ने अधिकारियों से गेट‑वेल एरिया तथा स्कूल के आस‑पास पुलिस चौकियां और निगरानी बढ़ाने की मांग उठाई है। इस घटना को लेकर अब तक न तो कोई आरोपी गिरफ्तार हुआ है और न ही औपचारिक चालान पेश किया गया है, लेकिन पुलिस सूत्रों का कहना है कि जांच जारी है और जल्द ही आरोपी की पहचान सामने आ सकती है, जिसके बाद कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।

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