घटनाक्रम कैसे शुरू हुआ?
20 फरवरी 2026 को दिल्ली के भारत मंडपम में भारत AI इम्पैक्ट समिट के दौरान यूटूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने ‘शर्टलेस प्रोटेस्ट’ किया था। प्रदर्शनकारियों ने शर्ट उतारकर अंदर टी-शर्ट दिखाई, जिन पर सरकार और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ नारे लिखे थे। दिल्ली पुलिस ने इसे ‘बड़ी साजिश’ और नेपाल के जेन-जेड आंदोलन से प्रेरित बताया। इस मामले में FIR दर्ज की गई और कई गिरफ्तारियां हुईं। कुल 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
तीन कार्यकर्ता—सौरभ, सिद्धार्थ अवधूत और अरबाज खान—दिल्ली से भागकर शिमला जिले के रोहड़ू उपमंडल के चिरगांव इलाके के एक रिसॉर्ट/होटल में छिपे हुए थे।
25 फरवरी (बुधवार) का ड्रामा
• सुबह 5:30 बजे: दिल्ली पुलिस की करीब 20 सदस्यीय टीम (सादे कपड़ों में) ने रोहड़ू रिसॉर्ट पर छापा मारा। तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। टीम ने रिसॉर्ट का CCTV DVR भी जब्त कर लिया, लेकिन जब्ती मेमो नहीं दिया।
• रिसॉर्ट मालिक की शिकायत: हिमाचल पुलिस ने ‘अज्ञात 15-20 लोगों’ के खिलाफ किडनैपिंग की FIR दर्ज कर दी गई। आरोप यह लगाया गया की बिना कागजात के मेहमानों को जबरन ले जाया गया और सबूत छीना गया।
• शोगी बैरियर पर पहला टकराव: दिल्ली टीम जब तीनों को लेकर दिल्ली लौट रही थी, तो NH-5 पर शोगी बैरियर (शिमला-सोलन सीमा) पर हिमाचल पुलिस ने काफिले को रोका। हिमाचल पुलिस का दावा—अंतरराज्यीय गिरफ्तारी के लिए लोकल पुलिस को पहले सूचना देना जरूरी था, प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। करीब 20 दिल्ली पुलिसकर्मियों को घंटों ‘डिटेन’ रखा गया।
मध्यरात्रि अदालत और दूसरा टकराव
• रात देर तक दोनों पक्षों में तीखी बहस चली। तीनों आरोपी और दिल्ली टीम को शिमला के दीनदयाल उपाध्याय जोनल अस्पताल ले जाकर मेडिकल कराया गया।
• 1:30 बजे रात: एसीजेएम-2 एकांश कपिल के आवास पर पेशी। वकील संदीप दत्ता (आरोपियों की तरफ) ने गिरफ्तारी को ‘अवैध’ बताया। दिल्ली पुलिस की तरफ से वकील नंद लाल ने ट्रांजिट रिमांड की मांग की। अदालत ने 18 घंटे का ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर दिया।
• 4:00 बजे सुबह: शोगी बैरियर पर फिर रोका गया। हिमाचल पुलिस ने DVR और सबूत मांगे। दिल्ली पुलिस (ACP राहुल विक्रम) ने कहा—मेमो अदालत को सौंपा जा चुका है, मूल सबूत नहीं दिया जाएगा। आखिर में जब्ती मेमो की कॉपी साझा करने के बाद बैरिकेड हटाए गए।
दोनों पक्षों की बात
• हिमाचल पुलिस: “बिना सूचना के गिरफ्तारी गैरकानूनी। लोकल कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती थी। किडनैपिंग FIR की जांच होगी।”
• दिल्ली पुलिस: “24 घंटे में आरोपी को कोर्ट में पेश करना था। सबूत वैध तरीके से जब्त किए। हिमाचल पुलिस बेवजह रोका।”
राजनीतिक तल्खी
हिमाचल (कांग्रेस शासित) में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को ‘दुर्भाग्यपूर्ण और असंवैधानिक’ बताया। विपक्षी भाजपा ने इसे ‘कांग्रेस की साजिश’ करार दिया। दिल्ली पुलिस की टीम तीनों आरोपियों के साथ राजधानी रवाना हो चुकी है। दिल्ली कोर्ट में आगे पेशी होगी। इस मामले में अब तक दोनों तरफ FIR दर्ज हैं, लेकिन कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। यह घटना केंद्र-राज्य के बीच पुलिस प्रोटोकॉल पर सवाल उठा रही है।

