नोएडा में स्कूलों के समय में बदलाव: अप्रैल से शुरू हुए नए शैक्षणिक सत्र में हीषण गर्मी और लू के चलते प्रशासन द्वारा स्कूलों के समय में अचानक कटौती करने से नाराज अभिभावकों ने मंगलवार को गौतमबुद्ध नगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम से भेंट कर अपना रोष जताया। जिलाधिकारी कार्यालय में पहुंचे अभिभावकों के प्रतिनिधिमंडल ने स्कूल समय को दोपहर 12:30 बजे तक सीमित करने के निर्णय पर गहरी नाराजगी व्यक्त की, जो पहले 2:30 बजे तक चलते थे।
अभिभावकों की प्रमुख शिकायतें
अभिभावकों का कहना है कि पूरे वर्ष त्योहारों, ग्रीष्मकालीन व शीतकालीन छुट्टियों, शनिवार-रविवार तथा मौसमी कारणों जैसे प्रदूषण, कोहरा, भारी वर्षा व हीटवेव से पहले ही पढ़ाई के दिन सीमित रह जाते हैं। ऊपर से प्रशासन के अचानक आदेशों से स्कूल बंदी या समय में कटौती हो जाती है, जिससे सिलेबस पूरा करने का दबाव स्कूलों से अभिभावकों व बच्चों पर आ जाता है। नोएडा के अधिकांश निजी स्कूलों में सेंट्रलाइज्ड एसी, एसी बसें व मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर होने के बावजूद सभी पर एकसमान नियम लागू करना उचित नहीं, जबकि ये स्कूल सालाना 5-6 लाख की फीस वसूलते हैं। दोनों अभिभावकों के नौकरीपेशा होने से कार्यालयों में छुट्टी न मिलने पर बच्चों की देखभाल में भारी परेशानी होती है। प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को स्कूल बंदी, ऑनलाइन मोड व समय कटौती से उत्पन्न समस्याओं का विस्तार से ब्यौरा दिया।
जिलाधिकारी का पक्ष व आश्वासन
जिलाधिकारी मेधा रूपम ने अभिभावकों की बातें गौर से सुनीं और उनकी चिंताओं को समझा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे निर्णय मंडलायुक्त कार्यालय से आते हैं, जिन्हें जिला स्तर पर लागू किया जाता है, इसलिए उनका हस्तक्षेप सीमित है। फिर भी, उन्होंने अभिभावकों को मेरठ में मंडलायुक्त से प्रतिनिधिमंडल की बैठक कराने में सहयोग का भरोसा दिलाया, ताकि मुद्दा उच्च स्तर पर पहुंचे व समाधान निकले। यह घटना नोएडा-ग्रेटर नोएडा में 27 अप्रैल से लागू नए आदेश के तहत नर्सरी से कक्षा-8 तक के सभी बोर्डों के स्कूलों के सुबह 7:30 से दोपहर 12:30 बजे तक चलने के फैसले से उपजी है, जो बच्चों को लू से बचाने के उद्देश्य से लिया गया। अभिभावक उम्मीद कर रहे हैं कि उनकी आवाज सुनी जाएगी।

