बिहार में नदियों का रौद्र रूप, 12 जिलों में 22 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित; यूपी में बारिश से जलभराव, पहाड़ों पर बर्फबारी से बढ़ी ठंड

पटना/लखनऊ/देहरादून। देश के कई हिस्सों में मानसून का असर अब भी देखने को मिल रहा है। बिहार में गंगा, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और बागमती नदियों के उफान के चलते बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। राज्य के 12 जिलों में करीब 22.42 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं। कई इलाकों में सड़क और संपर्क मार्ग पानी में डूबने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

वहीं, उत्तर प्रदेश में भी मानसूनी बारिश का सिलसिला जारी है। बरेली में लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। फायर स्टेशन तक में करीब तीन फीट पानी भर गया। दूसरी ओर, उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के साथ ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी शुरू हो गई है। कश्मीर के बाद उत्तराखंड में भी सीजन की पहली बर्फबारी ने मौसम का मिजाज बदल दिया है।

बिहार में बाढ़ से 12 जिलों में 22.42 लाख लोग प्रभावित

बिहार में लगातार बढ़ते जलस्तर ने कई जिलों में बाढ़ का संकट गहरा दिया है। गंगा, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और बागमती समेत कई प्रमुख नदियां उफान पर हैं। नदियों के बढ़ते जलस्तर का असर नदी किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों में साफ दिखाई दे रहा है।

प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य किए जा रहे हैं। कई स्थानों पर लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने के लिए नावों का सहारा लिया जा रहा है। बाढ़ के कारण लोगों के सामने आवागमन, पीने के पानी, भोजन और पशुओं के लिए चारे जैसी समस्याएं भी खड़ी हो रही हैं।

भागलपुर में रिंग बांध ओवरफ्लो, सुल्तानगंज के हजारों घर डूबे

भागलपुर में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई है। रिंग बांध के ओवरफ्लो होने के बाद सुल्तानगंज इलाके के करीब 4 हजार घर पानी में डूब गए। अचानक बढ़े पानी से लोगों में दहशत का माहौल है।

कई घरों में पानी घुसने के कारण लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा है। निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों के सामने सामान और जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखने की चुनौती बनी हुई है। स्थानीय प्रशासन की ओर से हालात पर नजर रखी जा रही है।

यूपी में मानसूनी बारिश से जनजीवन प्रभावित

उत्तर प्रदेश में भी मानसून लगातार सक्रिय है। कई जिलों में रुक-रुककर बारिश होने से जलभराव की समस्या सामने आ रही है। बरेली में रविवार दोपहर से लगातार रुक-रुककर हो रही बारिश ने शहर की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी।

बारिश के बाद फायर स्टेशन परिसर में करीब तीन फीट तक पानी भर गया। इतना ही नहीं, कई रिहायशी इलाकों में पानी घरों के अंदर तक पहुंच गया। कुछ घरों के किचन और बेडरूम में घुटनों तक पानी भरने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलनिकासी व्यवस्था प्रभावित हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जलभराव के कारण रोजमर्रा के कामकाज पर असर पड़ा है और कई जगह घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है।

कश्मीर के बाद उत्तराखंड की चोटियों पर बर्फबारी

बारिश और बाढ़ के बीच पहाड़ी इलाकों में मौसम ने करवट ली है। कश्मीर में सीजन की पहली बर्फबारी के बाद अब उत्तराखंड की ऊंची चोटियों पर भी बर्फ गिरने का सिलसिला शुरू हो गया है।

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में पंचाचूली, हरदेवल, नंदा देवी और नंदा कोट की ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी दर्ज की गई। इसके अलावा चमोली जिले में बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब की ऊंची चोटियों पर भी हल्की बर्फबारी हुई है।

पहाड़ों में बारिश-बर्फबारी से बढ़ी ठंड

ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और बर्फबारी के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। पहाड़ों पर मौसम का मिजाज बदलने से ठंड का अहसास बढ़ गया है। ऊंची चोटियों पर बर्फ की सफेद चादर दिखाई देने लगी है। मौसम में आए इस बदलाव का असर मैदानी इलाकों पर भी पड़ सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी का दौर आगे भी जारी रहा तो आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है।

एक तरफ बाढ़ का संकट, दूसरी तरफ पहाड़ों पर बदला मौसम

बिहार में जहां नदियों के उफान से लाखों लोग बाढ़ की चपेट में हैं, वहीं उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश ने जलभराव की समस्या बढ़ा दी है। दूसरी ओर, उत्तराखंड की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी से मौसम तेजी से बदल रहा है।

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