लंबे इंतजार के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से बुधवार, 1 जुलाई से नियमित उड़ानों का संचालन शुरू हो गया है। यह एयरपोर्ट की शुरुआत के बाद विस्तार का नया चरण है 1 जुलाई 2026 से एयरपोर्ट पर रोजाना करीब 40 उड़ानों के संचालन का अनुमान है, क्योंकि परिचालन का दायरा अब बढ़ाया जा रहा है। इस चरण में चंडीगढ़, देहरादून, धर्मशाला, जयपुर और भोपाल के लिए प्रतिदिन उड़ानें शुरू हो रही हैं, जबकि जोधपुर और बरेली के लिए सप्ताह में चार दिन (सोमवार, बुधवार, शुक्रवार और रविवार) तथा किशनगढ़ के लिए सप्ताह में तीन दिन (मंगलवार, गुरुवार और शनिवार) सेवाएं दी जाएंगी। गौरतलब है कि एयरपोर्ट ने 15 जून 2026 से वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन शुरू किया था, जिसमें इंडिगो ने पहली उड़ान संचालित की, जबकि अकासा एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस जैसी अन्य एयरलाइनों के भी जल्द उड़ानें शुरू करने की उम्मीद जताई गई थी। अब एक महीने के भीतर ही एयरपोर्ट प्रशासन ने रूट नेटवर्क का दायरा तेजी से बढ़ाया है। 1 जुलाई 2026 से अकासा एयर श्रीनगर, जोधपुर, भोपाल और देहरादून के लिए भी उड़ानें जोड़ रही है।
यात्रियों में सुबह की उड़ानों की मांग सबसे अधिक
एयरपोर्ट पर परिचालन शुरू होने के बाद सामने आए आंकड़ों के अनुसार, यात्रियों के बीच सुबह के समय की फ्लाइट्स की मांग सबसे ज्यादा देखी जा रही है। दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कामकाजी यात्री सुबह जल्दी उड़ान पकड़कर मेट्रो शहरों के लिए रवाना होना पसंद कर रहे हैं, ताकि वे दिन के व्यावसायिक कार्यक्रमों में समय पर पहुंच सकें। एयरपोर्ट प्रबंधन की मानें तो इसी मांग को देखते हुए आने वाले हफ्तों में सुबह के स्लॉट में और उड़ानें जोड़ी जा सकती हैं।
घरेलू नेटवर्क का लगातार विस्तार
वर्तमान में एयरपोर्ट से घरेलू मेट्रो शहरों, टियर-2 शहरों और लोकप्रिय पर्यटन स्थलों के लिए उड़ानें संचालित की जा रही हैं। प्रारंभिक नेटवर्क में 16 से अधिक प्रमुख गंतव्य शामिल हैं, जो नोएडा को प्रमुख महानगरीय केंद्रों, क्षेत्रीय केंद्रों और महत्वपूर्ण यात्रा गेटवे से जोड़ते हैं। बेंगलुरु, हैदराबाद और नवी मुंबई जैसे बड़े कारोबारी शहरों के लिए उड़ानें कॉर्पोरेट यात्रा के साथ-साथ पर्यटन कनेक्टिविटी को भी मजबूती दे रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का इंतजार अभी बाकी
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को अभी और इंतजार करना होगा। दुबई, सिंगापुर और ज्यूरिख को शुरुआती अंतरराष्ट्रीय रूट्स में शामिल किए जाने की योजना है, और इनके सितंबर-अक्टूबर 2026 तक शुरू होने की उम्मीद है। तब तक एयरपोर्ट प्रबंधन का पूरा फोकस घरेलू नेटवर्क को मजबूत करने और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने पर है। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित उड़ानों की शुरुआत और सुबह की उड़ानों की बढ़ती मांग यह संकेत देती है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट धीरे-धीरे दिल्ली-एनसीआर के यात्रियों की पहली पसंद बनता जा रहा है, जिससे इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दबाव भी कम होगा।

