पूनम पांडे बोलीं—‘मेरे धर्म को मेरे काम से मत जोड़ो’, एकता कपूर के बयान का किया समर्थन

Poonam Pandey Ekta Kapoor statement:

मंदिर जाने पर पहनावे को लेकर सवाल उठने की कही बात, सीजेपी के प्रदर्शनों और अभिनेता इमरान खान के मामले पर भी रखी राय

Poonam Pandey Ekta Kapoor statement: मुंबई। अभिनेत्री पूनम पांडे ने एकता कपूर के ‘हिंदूफोबिया’ संबंधी बयान का समर्थन करते हुए कहा कि किसी की धार्मिक आस्था को उसके काम और पहनावे से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। उन्होंने बताया कि मंदिर जाने पर कई बार लोग उनकी बोल्ड छवि और कपड़ों को लेकर हैरानी जताते हैं। पूनम ने सवाल उठाया कि क्या बोल्ड कपड़े पहनने वाली अभिनेत्री मंदिर नहीं जा सकती?

एक साक्षात्कार में पूनम पांडे ने कहा कि वह धार्मिक आस्था रखती हैं और हनुमान चालीसा भी जानती हैं। उन्होंने कहा, “मैं कट्टर हिंदू हूं। मुझे हनुमान चालीसा आती है। मेरे धर्म को मेरे काम से मत जोड़ो।” एकता कपूर के धार्मिक विश्वासों का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि अगर कोई अपने धर्म का पालन कर रहा है, तो इसमें परेशानी की क्या बात है। Poonam Pandey Ekta Kapoor statement:

एकता कपूर ने एक पॉडकास्ट में बताया था कि तिलक लगाने और गले में धागा पहनने पर कुछ लोग उन्हें अजीब नजरों से देखते थे। उन्होंने कहा था कि कुछ लोग उन्हें ‘तांत्रिक’ तक कह देते थे। इस अनुभव के जरिए उन्होंने धार्मिक पहचान और भारतीय पौराणिक परंपराओं को लेकर समाज की सोच पर सवाल उठाए थे।

प्रदर्शनों में हिंसा के बजाय इंसानियत पर दिया जोर

पूनम पांडे ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शनों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विभिन्न स्थानों पर हो रहे प्रदर्शनों के दौरान छात्रों और पुलिसकर्मियों के घायल होने की खबरें चिंताजनक हैं। उनके मुताबिक, दोनों पक्षों के परिवार हैं और विरोध के दौरान इंसानियत को नहीं भूलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि किसी भी मुद्दे पर प्रदर्शन करने से पहले लोगों को यह समझना चाहिए कि वे किस बात का विरोध कर रहे हैं और उनकी मांग क्या है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहे प्रदर्शनों पर सवाल उठाते हुए पूनम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग करने वालों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी और महत्व को समझना जरूरी है।

सीजेपी ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन का ऐलान किया था। इसी मुद्दे पर मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में भी प्रदर्शन हुआ था। इन घटनाक्रमों के दौरान हिरासत और प्रदर्शन की अनुमति को लेकर विवाद सामने आया।

इमरान खान को लेकर भी दी प्रतिक्रिया

अभिनेता इमरान खान को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिए जाने की खबरों पर पूनम पांडे ने कहा कि वह अभिनेता का सम्मान करती हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी नागरिक होने की स्थिति में उन्हें भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने से बचना चाहिए।

इमरान खान 10 अक्टूबर को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में आयोजित प्रदर्शन में शामिल हुए थे। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इसके बाद मुंबई पुलिस ने उन्हें नोटिस जारी कर 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया। रिपोर्टों में उन्हें अमेरिकी नागरिक बताया गया है।

पूनम पांडे के बयान में धार्मिक आस्था, व्यक्तिगत छवि और विरोध-प्रदर्शनों के दौरान जिम्मेदारी जैसे मुद्दे सामने आए हैं। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान हिंसा और नफरत के बजाय इंसानियत को महत्व देने की अपील की।

Poonam Pandey Ekta Kapoor statement:

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