जया बच्चन और करीना कपूर खान ने भी महिलाओं के वस्तुकरण पर उठाई आवाज़
राम चरण और जान्हवी कपूर अभिनीत बहुप्रतीक्षित तेलुगू फिल्म ‘पेड्डी’ इन दिनों भारी विवाद के केंद्र में है। 4 जून 2026 को रिलीज़ हुई इस फिल्म में जान्हवी कपूर के किरदार ‘अच्चियम्मा’ को अत्यधिक यौन-केंद्रित (हाइपर-सेक्सुअलाइज़्ड) तरीके से पेश करने और नायक द्वारा बिना सहमति के रोमांटिक पहल को ‘प्रेम’ के रूप में दिखाने पर दर्शकों और आलोचकों ने कड़ी आपत्ति जताई है।
क्या है पूरा विवाद?
फिल्म रिलीज़ के बाद सोशल मीडिया पर कई दृश्यों को लेकर आलोचना का तूफान आ गया। दर्शकों ने बताया कि कई सीन्स में कैमरा बार-बार जान्हवी कपूर की कमर, नाभि और क्लीवेज पर फोकस करता है, जो पूरी तरह से अनावश्यक और आपत्तिजनक है। सबसे विवादास्पद दृश्य वह है जिसमें राम चरण का किरदार जान्हवी के किरदार को बिना सहमति के चूम लेता है और फिर इसे ‘प्यार जताने का एकमात्र तरीका’ बताता है। विवाद तब और बढ़ गया जब जान्हवी कपूर ने कथित तौर पर सोशल मीडिया पर उनके किरदार की आलोचना करने वाली एक पोस्ट को ‘लाइक’ किया, जिसे उनकी चुप्पी तोड़ने का संकेत माना गया।
निर्देशक की माफ़ी, लेकिन ‘दोष दर्शकों पर’
भारी दबाव के बाद निर्देशक बुची बाबू सना ने सार्वजनिक माफ़ी जारी की और कहा: “एक फिल्मकार के तौर पर मेरा मानना है कि सिनेमा को मनोरंजन करना चाहिए, प्रेरित करना चाहिए और दर्शकों से जुड़ना चाहिए। इसे कभी भी किसी को असहज या अपमानित नहीं करना चाहिए। हमने ‘पेड्डी’ के कुछ दृश्यों पर मिली प्रतिक्रियाएं सुनी हैं और इन्हें गंभीरता से लिया है। महिलाओं के प्रति मेरे मन में हमेशा अपार सम्मान रहा है और हमारा कभी इरादा नहीं था कि किसी महिला किरदार को वस्तु की तरह पेश किया जाए। अगर फिल्म के किसी हिस्से को इस तरह से महसूस किया गया है, तो हम उन भावनाओं का सम्मान करते हैं और ईमानदारी से माफ़ी माँगते हैं।” हालाँकि, को दिए एक इंटरव्यू में बुची बाबू ने यह भी कहा कि उन दृश्यों को दर्शकों ने “गलत तरीके से पढ़ा” यानी निर्देशक एक तरफ माफ़ी भी माँग रहे हैं और दूसरी तरफ दोष दर्शकों पर भी डाल रहे हैं। इस दोहरे रवैये की भी काफी आलोचना हुई।
बदलाव हुए या नहीं?
निर्देशक ने माफ़ी के साथ आपत्तिजनक दृश्य हटाने की घोषणा तो की, लेकिन बयान के दो दिन बाद भी वे दृश्य सिनेमाघरों में चलते रहे। ताज़ा खबरों के अनुसार अब इन दृश्यों को आखिरकार हटाया जा रहा है।
जया बच्चन और करीना ने उठाई आवाज़
इस विवाद ने बॉलीवुड की दिग्गज हस्तियों को भी बोलने पर मजबूर कर दिया। जया बच्चन और करीना कपूर खान दोनों ने बिना ‘पेड्डी’ या जान्हवी का नाम लिए महिलाओं के वस्तुकरण के मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखी। जया बच्चन ने ‘Deccan Chronicle’ से बातचीत में मनोज कुमार की फिल्म ‘शोर’ का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्हें एक बार एक निर्देशक ने वस्तु की तरह पेश करने की कोशिश की थी, जिसके बाद उन्होंने उस निर्देशक के साथ दोबारा कभी काम नहीं किया। उन्होंने कहा, “मेरे साथ कभी किसी ने हद पार करने की हिम्मत नहीं की।” करीना कपूर खान ने भी इस बहस में हिस्सा लेते हुए कहा, “काजोल को ‘कभी खुशी कभी गम’ के ‘सूरज हुआ मद्धम’ गाने में देखिए, या सीने में ‘तेरे मेरे होंठों पे’ गाने में श्रीदेवी को। उन्होंने बिना किसी अंग-प्रदर्शन के पर्दे पर कमाल किया। मेरी सास शर्मिला टैगोर ‘आराधना’ के ‘रूप तेरा मस्ताना’ गाने में सिर से पाँव तक ढकी थीं फिर भी वो ‘सेंसुअलिटी’ की मिसाल थीं। मेरा मानना है कि पर्दे पर आकर्षक दिखने का मतलब कम कपड़े पहनना या खुद को वस्तु बनाना नहीं है।”
फिल्म के बारे में
बुची बाबू सना द्वारा निर्देशित ‘पेड्डी’ एक तेलुगू स्पोर्ट्स एक्शन ड्रामा है जिसकी लागत लगभग ₹350 करोड़ बताई जाती है। फिल्म में राम चरण के साथ शिवराजकुमार, जगपति बाबू, दिव्येंदु और बोमन ईरानी भी हैं। संगीत महान ए.आर. रहमान का है। बुची बाबू सना को 2021 में अपनी पहली फिल्म ‘उप्पेना’ के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था।
निष्कर्ष
‘पेड्डी’ विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि भारतीय सिनेमा में महिला किरदारों को किस नज़रिए से दिखाया जाता है। माफ़ी, दृश्यों का हटाया जाना और बड़ी अभिनेत्रियों का मुखर होना ये सब मिलकर संकेत देते हैं कि दर्शक अब चुप नहीं रहेंगे।
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