ममदानी और राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात, हाउसिंग प्रोजेक्ट सहमति; ट्रंप ने कहा- ‘महान मेयर बनने की क्षमता

न्यूयॉर्क सिटी, न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सोमवार को मेयर के आधिकारिक निवास ग्रेसी मेंशन में लगभग एक घंटे तक बंद दरवाजों के पीछे मिले। यह दोनों नेताओं की तीसरी आमने-सामने मुलाकात थी। इससे पहले नवंबर 2025 और फरवरी 2026 में वे व्हाइट हाउस में मिल चुके थे। यह बैठक इसलिए भी खास रही क्योंकि लगभग 45 साल बाद किसी बैठे राष्ट्रपति ने ग्रेसी मेंशन का दौरा किया। इससे पहले 1981 में रोनाल्ड रीगन एड कोच से यहां मिले थे।

मुलाकात के बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। ट्रंप ने ममदानी की तारीफ करते हुए कहा, “मैं चाहता हूं कि वह महान मेयर बनें। उनमें महान क्षमता है। न्यूयॉर्क और देश के हित में मैं नहीं चाहता कि वे खराब या भयंकर मेयर साबित हों।” ममदानी ने जवाब में कहा कि वे न्यूयॉर्कवासियों के लिए किसी के भी साथ काम करने को तैयार हैं और राष्ट्रपति की शहर के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना करते हैं।

बैठक का मुख्य फोकस किफायती आवास रहा। ममदानी ने बताया कि क्वींस के सनसाइड यार्ड्स में 12 हजार घर और 30 हजार नौकरियां पैदा करने वाले प्रोजेक्ट पर चर्चा हुई। दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि सिटी हॉल और व्हाइट हाउस की टीमों के बीच इस परियोजना पर बातचीत को नए स्तर पर ले जाया जाएगा। ट्रंप ने कहा कि यह परियोजना कई दशकों से चर्चा में है और इसमें संघीय अनुमति तथा संभवतः संघीय फंडिंग की जरूरत पड़ेगी। “शायद उन्हें इसे करने का मौका मिल जाए,” उन्होंने कहा। आव्रजन मुद्दे पर भी बात हुई। ममदानी ने हैती समुदाय के लिए अस्थायी सुरक्षा स्थिति (TPS) हटाने और प्रवासी न्यूयॉर्कवासियों की सुरक्षा पर अपनी मजबूत राय रखी। पुलिसिंग और जीवन-यापन की लागत जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने कहा कि उनकी बातचीत व्यापक रही और मतभेदों के बावजूद न्यूयॉर्कवासियों की सेवा पर साझा फोकस रहा।

ट्रंप न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के संबोधन के लिए आए हुए थे। मुलाकात ममदानी के निमंत्रण पर हुई। दोनों नेताओं के राजनीतिक मतभेद स्पष्ट हैं—ममदानी डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट हैं जबकि ट्रंप रिपब्लिकन—फिर भी तीनों बैठकों में दोस्ताना और उत्पादक माहौल देखने को मिला। यह घटना अमेरिकी राजनीति में एक अनोखे तालमेल का उदाहरण बन गई है, जहां वैचारिक विरोध के बावजूद शहर की जरूरतों पर सहयोग की कोशिश जारी है।

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