Noida Police Action Against Fake News: भ्रामक सोशल मीडिया पोस्ट्स पर 3 अकाउंट्स पर FIR, सेक्टर-63 मजदूर आंदोलन अफवाह साबित

Noida Police Action Against Fake News: गौतम बुद्ध नगर, नोएडा पुलिस ने सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए एक बड़ा एक्शन लिया है। सेक्टर-63 में कथित मजदूर आंदोलन को लेकर भ्रामक और अपुष्ट जानकारी प्रसारित करने के आरोप में तीन सोशल मीडिया अकाउंट संचालकों पर FIR दर्ज की गई है। पुलिस जांच में यह दावा पूरी तरह निराधार पाया गया, जिसके बाद पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अफवाहें फैलाकर कानून-व्यवस्था और पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

घटना का विस्तार

अप्रैल 2026 में नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों, खासकर सेक्टर-63 और फेज-2 में फैक्ट्री वर्कर्स के वेतन वृद्धि, ओवरटाइम और काम की स्थितियों को लेकर प्रदर्शन हुए थे। ये प्रदर्शन शुरुआत में शांतिपूर्ण थे, लेकिन 13 अप्रैल को हिंसक रूप ले लिया, जिसमें पथराव, वाहनों को नुकसान और आगजनी की घटनाएं हुईं। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया और सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस जांच के दौरान सामने आया कि कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स ने घटना को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया, पुरानी घटनाओं या अन्य जगहों के वीडियो को नोएडा से जोड़कर वायरल किया, और पुलिस तथा राज्य सरकार के खिलाफ भड़काऊ सामग्री प्रसारित की। इससे मजदूरों में आक्रोश बढ़ाने और क्षेत्र में अशांति फैलाने की कोशिश की गई। सुरजपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज ताजा FIR में फेसबुक अकाउंट्स ‘tarunai.ketarane’ और ‘TheCARWAN’ तथा यूट्यूब चैनल ‘Jansatta’ के खिलाफ कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार, इन अकाउंट्स ने गलत वीडियो और पोस्ट्स शेयर कर पुलिस प्रशासन को निशाना बनाया।

पुलिस की जांच और कार्रवाई

पिछली FIRs: अप्रैल-मई 2026 में इस मामले से जुड़ी कई FIRs दर्ज की गईं। कुछ अकाउंट्स पाकिस्तान से संचालित बताए गए, जिन्होंने गलत सूचनाएं फैलाईं।
गिरफ्तारियां: 300 से अधिक लोगों को सोशल मीडिया दुरुपयोग और हिंसा में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया गया। मुख्य आरोपी आदित्य आनंद को तमिलनाडु से गिरफ्तार किया गया।
मजिस्ट्रेट जांच: गौतम बुद्ध नगर प्रशासन ने 7 मई को मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए थे ताकि प्रदर्शन के कारणों और हिंसा की जिम्मेदारी का पता लगाया जा सके। नोएडा पुलिस कमिश्नर और अधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ाई गई है। बॉट अकाउंट्स और अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। IT एक्ट की धाराओं के साथ अन्य आपराधिक धाराओं में केस दर्ज किए गए हैं।

पुलिस का संदेश

नोएडा पुलिस ने स्पष्ट किया कि “अफवाह फैलाकर कानून-व्यवस्था और पुलिस की छवि प्रभावित करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” उन्होंने जनता से अपील की कि किसी भी खबर की पुष्टि बिना साझा न करें और आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें। यह कार्रवाई सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोकने और औद्योगिक क्षेत्र में शांति बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। जांच जारी है और आगे भी ऐसे अकाउंट्स पर नजर रखी जा रही है। इस मामले में नवीनतम जानकारी के लिए नोएडा पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट या प्रेस रिलीज देखें। अफवाहों से बचें।

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