Waterlogging at Noida Airport: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, ग्रेटर नोएडा, अत्याधुनिक सुविधाओं और भव्य दावों के साथ 15 जून को शुरू हुए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) की व्यवस्थाओं की पोल महज दो महीने में ही पहली मूसलाधार बारिश ने खोल दी। मंगलवार को ग्रेटर नोएडा और आसपास के इलाकों में हुई तेज बारिश के बाद एयरपोर्ट टर्मिनल के फोरकोर्ट को पार्किंग क्षेत्र से जोड़ने वाले अंडरपास में कई फीट पानी भर गया, जिससे यात्रियों को अपना सामान समेटकर वैकल्पिक रास्तों से गुजरना पड़ा। इस जगह को शुरुआत में ‘बनारस के घाट’ की तर्ज पर सजावटी रूप देने की योजना थी, लेकिन बारिश के बाद यहां वाकई घाट और तालाब जैसा नजारा बन गया। यात्रियों ने पानी से भरे अंडरपास और रास्ते के वीडियो बना लिए, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए। वीडियो में कुछ यात्री और एयरपोर्ट कर्मचारी घुटनों तक भरे पानी के बीच से गुजरते नजर आए, जबकि कर्मचारी पंप और मशीनों की मदद से पानी निकालने में जुटे रहे।
प्रबंधन की सफाई: सिर्फ 30 मिनट में सामान्य हुई व्यवस्था
नोएडा एयरपोर्ट के जनसंपर्क विभाग ने घटना पर सफाई देते हुए कहा कि बेहद कम समय में हुई असाधारण तेज बारिश के कारण टर्मिनल और पार्किंग को जोड़ने वाले मार्ग पर कुछ देर के लिए पानी जमा हुआ था। प्रबंधन के अनुसार एयरपोर्ट टीमों ने तत्परता से काम करते हुए आधे घंटे से भी कम समय में जलभराव को साफ कर दिया और इस दौरान फ्लाइट संचालन व यात्रियों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी रही। हालांकि मौसम की स्थिति पर एयरपोर्ट प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब यह अंडरपास जलभराव की चपेट में आया हो। इससे पहले 28 मार्च को हुई बारिश के दौरान भी यही अंडरपास कई फीट पानी में डूब गया था, जिसके बाद भी इंजीनियरिंग और निकासी व्यवस्था पर सवाल उठे थे। ताजा घटना ने यह आशंका फिर हवा दे दी है कि शुरुआती हल्की बारिश में ही अगर यह हाल है, तो मानसून की भारी बारिश में हालात कितने गंभीर हो सकते हैं।
आम आदमी पार्टी ने उठाए सवाल
जलभराव का वीडियो वायरल होने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी इस मुद्दे पर सरकार और एयरपोर्ट प्रबंधन को घेरते हुए निर्माण गुणवत्ता और ड्रेनेज सिस्टम पर सवाल खड़े किए हैं।
मौसम की मार उड़ानों पर भी
जलभराव के साथ-साथ खराब मौसम का असर उड़ानों के संचालन पर भी देखने को मिला। इंडिगो एयरलाइंस ने खराब मौसम का हवाला देते हुए मंगलवार को धर्मशाला जाने वाली अपनी उड़ान रद्द कर दी, वहीं तकनीकी खामी के चलते हिंडन से वाराणसी जाने वाली उड़ानें भी रद्द हुईं।
नोएडा अथॉरिटी के नए दफ्तर में भी टपका पानी
बारिश ने सिर्फ एयरपोर्ट ही नहीं, बल्कि करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से दो महीने पहले बने नोएडा अथॉरिटी के नए कार्यालय की पोल भी खोल दी। भवन की फॉल्स सीलिंग से बरसाती पानी टपकने लगा, जिसके बाद वहां मरम्मत का काम शुरू कराया गया। इस बिल्डिंग का उद्घाटन खुद मुख्यमंत्री ने 27 जून को किया था। जानकारी के अनुसार, फॉल सीलिंग के भीतर से निकलने वाले पाइपों के जोड़ों को ठीक तरह से सील नहीं किया गया था, जिसके चलते बरसात का पानी गर्डर के जोड़ों के रास्ते फॉल सीलिंग में भर गया। निर्माण कार्य में लगे मजदूरों का कहना है कि गर्डर डालते समय जोड़ों को मजबूती से बंद किया गया होता तो यह दिक्कत नहीं आती। वहीं अथॉरिटी अधिकारियों ने कहा है कि इस लापरवाही को लेकर संबंधित ठेकेदार कंपनी से जवाब-तलब किया जाएगा।
निष्कर्ष
एक ही दिन में एयरपोर्ट और अथॉरिटी दफ्तर, दोनों जगह सामने आई खामियां करोड़ों की लागत से बने इन प्रोजेक्ट्स की निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। प्रबंधन भले ही इसे अस्थायी और मामूली बता रहा हो, लेकिन बार-बार हो रही ऐसी घटनाएं मानसून के आगे और तेज होने पर बड़ी चुनौती बन सकती हैं।

