Noida Haldoni Incident: नोएडा। ग्रेटर नोएडा के थाना ईकोटेक-3 क्षेत्र स्थित हल्दौनी गांव में छह साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। इस जघन्य वारदात के आरोपी 32 वर्षीय बलराज उर्फ बल्ला को पुलिस ने शनिवार को एक मुठभेड़ में मार गिराया। पुलिस के मुताबिक हथियार बरामदगी के लिए ले जाते समय आरोपी ने अचानक फायरिंग कर दी, जिसमें एक पुलिसकर्मी घायल हुआ। जवाबी कार्रवाई में बलराज को गोली लगी और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई।
कैसे सामने आई घटना
28 अगस्त की शाम बच्ची अचानक अपने घर से लापता हो गई थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर पांच टीमें तलाश में लगाईं। आसपास के इलाकों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर बलराज को बोरे में बच्ची को ले जाते हुए देखा गया। इसके आधार पर ग्रामीणों और परिजनों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले किया। पूछताछ में आरोपी के पास अवैध पिस्टल होने की जानकारी सामने आई। पुलिस उपायुक्त (सेंट्रल नोएडा) शैलेंद्र सिंह के अनुसार सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई शुरू की गई और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर सबूत जुटाए। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक कारण और अन्य तथ्य पूरी तरह स्पष्ट होंगे।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई पुष्टि
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची के शरीर पर चोट के निशान और निजी अंगों पर रक्त के थक्के पाए गए, जिससे पुलिस के मुताबिक दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। शव को बोरे में भरकर घर से करीब दो किलोमीटर दूर एक खेत में फेंका गया था।
हथियार बरामदगी के दौरान मुठभेड़
शनिवार को पुलिस टीम बलराज को छिपाई गई पिस्टल बरामद कराने के लिए बताए गए स्थान पर ले गई। वहां आरोपी ने अचानक हथियार निकालकर पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें एक कांस्टेबल को गोली लगी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में बलराज गंभीर रूप से घायल हो गया और अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पहले भी दो हत्याओं में जा चुका है जेल
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक बलराज की आपराधिक पृष्ठभूमि लंबी रही है। मूल रूप से बुलंदशहर का रहने वाला बलराज 2006 में गाजियाबाद के लोनी में एक व्यक्ति की हत्या के मामले में दोषी करार दिया गया था, जिसके लिए उसे दस साल की सजा हुई और उसने डासना जेल में आठ साल गुजारे। साल 2017 में सूरजपुर के संतोष नगर इलाके में एक बुजुर्ग महिला के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या का भी आरोप उस पर लगा। इसी साल अक्टूबर में सब्जी खरीदने निकले एक बच्चे को अगवा कर दुष्कर्म के बाद हत्या करने और शव खेत में फेंकने का मामला भी उस पर दर्ज हुआ। इन दोनों हत्याकांडों में जेल गया बलराज 2024 में जमानत पर बाहर आया था और उसके बाद मजदूरी करने लगा था। नशे का आदी होने और आपराधिक प्रवृत्ति के चलते उसके परिवार ने भी उससे दूरी बना ली थी। उसके दो भाई बुलंदशहर छोड़कर दनकौर इलाके में जा बसे थे, जबकि बलराज ने कभी शादी नहीं की।
ग्रामीणों के आरोप, पुलिस जांच जारी
स्थानीय ग्रामीणों ने बलराज पर पशुओं के साथ भी अप्राकृतिक कृत्य करने के आरोप लगाए हैं, हालांकि इन दावों की पुलिस स्तर पर अलग से जांच की जा रही है। पुलिस अब बलराज के पूरे आपराधिक इतिहास और बच्चों से जुड़े पुराने मामलों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वह और भी वारदातों में शामिल रहा है। घटना के बाद हल्दौनी और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि पुराने आपराधिक रिकॉर्ड के बावजूद बलराज बेखौफ होकर इलाके में घूमता रहा, जिस पर अब सवाल उठाए जा रहे हैं।

