नोएडा में फॉर्म-6 और बीएलओ गायब? वोटर अभियान पर उठे सवाल

नोएडा, गौतमबुद्ध नगर में शनिवार को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के विशेष अभियान का पहला दिन विवादों में घिर गया। कई नागरिकों और सोशल मीडिया यूजर्स ने दावा किया कि बूथों पर बीएलओ मौजूद नहीं थे। जहां बीएलओ मिले, वहां नया वोटर बनने के लिए जरूरी फॉर्म-6 उपलब्ध नहीं था। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।

वाजिदपुर बूथ 571 का मामला

ग्राम विकास संगठन नोएडा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अशोक चौहान अपने दोनों बच्चों प्रियान्शी और प्रिंस का नाम वोटर लिस्ट में जुड़वाने के लिए वाजिदपुर के प्राथमिक विद्यालय स्थित बूथ संख्या 571 पर पहुंचे थे। उनके अनुसार वहां तैनात बीएलओ ने बताया कि उनके पास फॉर्म-6 नहीं है। बीएलओ ने उन्हें दस्तावेजों की फोटोकॉपी और एक-एक फोटो जमा करने को कहा और कहा कि फॉर्म आने पर आवेदन भर दिया जाएगा। चौहान ने निर्वाचन आयोग से पूछा है कि बूथों पर फॉर्म समय पर क्यों नहीं पहुंचे। उन्होंने यह भी कहा कि नागरिकों को बार-बार चक्कर नहीं लगवाने चाहिए। फॉर्म न होने की वजह और आपूर्ति में देरी की पुष्टि स्वतंत्र रूप से नहीं हुई है।

सोशल मीडिया पर गंभीर आरोप

नोएडा महानगर अध्यक्ष आश्रय गुप्ता (समाजवादी पार्टी) द्वारा किए गए वायरल पोस्ट में दावा किया गया कि सुबह करीब 11:11 बजे कई बूथों पर बीएलओ नहीं थे और फॉर्म-6 भी नहीं था। पोस्ट में चुनाव आयोग से पूछा गया कि तैयारी अधूरी थी तो अभियान की घोषणा क्यों हुई और नागरिकों के बर्बाद हुए समय की जिम्मेदारी कौन लेगा। इसमें यह सवाल भी उठाया गया कि क्या किसी खास दल के समर्थकों के वोट बनवाने को प्राथमिकता दी जा रही है। पोस्ट में यह भी दावा है कि नोएडा विधानसभा के बूथ 64 के क्रमांक 243 पर पुरुष के नाम के साथ महिला की फोटो दर्ज है। बूथ 674 से 687 की स्थिति पर भी सवाल उठाए गए हैं। पोस्ट में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नाम लेकर एसआईआर पर निशाना साधा गया है। हमें इन दावों की कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिली। न ही इस पर निर्वाचन विभाग का कोई बयान सामने आया है। ये आरोप पोस्ट करने वाले के हैं।

प्रशासन की घोषणा क्या थी?

जिला प्रशासन की घोषणा के मुताबिक गौतमबुद्ध नगर में शनिवार और 24 अक्तूबर को विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसमें सभी मतदान केंद्रों पर बीएलओ सुबह 10 से शाम 4 बजे तक मौजूद रहेंगे और हर केंद्र पर हेल्प डेस्क बनेगी। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार फॉर्म-6 सहित जरूरी प्रपत्र, निर्वाचक नामावली और पूरक सूचियां बीएलओ के पास रहनी थीं। यानी कागजों पर व्यवस्था पूरी थी। अब सवाल यह है कि शिकायत वाले बूथों पर वह जमीन पर क्यों नहीं दिखी। यह भी ध्यान रखना होगा कि शिकायतें चुनिंदा बूथों से आई हैं। पूरे जिले की स्थिति पर अभी कोई आंकड़ा नहीं है।

अभियान का आगे का कार्यक्रम

अभियान 24 अक्टूबर को भी चलेगा। इसके बाद 19 अक्टूबर को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर प्रारूप सूची पर चर्चा होगी। इस बैठक में यह मुद्दा उठने की संभावना है।

पहले भी उठे थे सवाल

नोएडा में एसआईआर के दौरान भी लापरवाही का मुद्दा उठ चुका है। तब जिला प्रशासन ने 60 बीएलओ और 7 सुपरवाइजरों पर एफआईआर दर्ज कराई थी। इसलिए बूथ स्तर की व्यवस्था पर नजर बनी हुई है।

नागरिक क्या करें?

नया नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6, संशोधन या पता बदलने के लिए फॉर्म-8 और नाम हटवाने के लिए फॉर्म-7 भरना होता है। बीएलओ न मिले या फॉर्म न हो तो बूथ नंबर, समय और फोटो के साथ शिकायत जिला निर्वाचन कार्यालय या तहसील में दर्ज कराएं। फॉर्म तहसील और जिला निर्वाचन कार्यालय से भी मिल सकते हैं, और आवेदन ऑनलाइन भी किया जा सकता है। 24 अक्टूबर के अभियान में दोबारा जाएं।

क्या पूछे जा रहे हैं सवाल

बूथों पर बीएलओ की उपस्थिति और फॉर्म-6 की उपलब्धता कैसे सुनिश्चित होगी?

बिना आवेदन लिए लौटाए गए नागरिकों का आवेदन कैसे दर्ज होगा?

मतदाता सूची में कथित त्रुटियों (नाम और फोटो के मेल न खाने) की जांच कौन करेगा?

इस खबर में निर्वाचन अधिकारियों का पक्ष मिलते ही अपडेट किया जाएगा।

यह भी पढ़ें: Greater Noida: 2 लाख में बेचने के लिए 6 साल के बच्चे का अपहरण, मुठभेड़ के बाद 7 गिरफ्तार

यहां से शेयर करें