NEET-UG 2026 21 जून को होगा री-एग्जाम; CBI जांच तेज, NEET-UG 2025 पेपर लीक पर शक

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने NEET-UG 2026 परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बीच रद्द कर दिया है। 3 मई 2026 को आयोजित परीक्षा को अब अमान्य घोषित कर 21 जून 2026 (रविवार) को पूरे देश में दोबारा परीक्षा कराई जाएगी। शिक्षा मंत्री ने इसे छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए “कठिन लेकिन आवश्यक” फैसला बताया। CBI की जांच में राजस्थान के जामवा रामगढ़ (जयपुर) के बिवाल परिवार की भूमिका उजागर हुई है, जो 2025 के NEET में भी संदिग्ध है।

NTA ने आधिकारिक बयान में कहा, “केंद्रीय एजेंसियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों से प्राप्त जानकारी तथा जांच निष्कर्षों के आधार पर, परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए 3 मई की परीक्षा रद्द की गई। री-एग्जाम की तारीख 21 जून तय की गई है।” उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि केवल आधिकारिक चैनलों पर भरोसा करें। मौजूदा रजिस्ट्रेशन, फीस और केंद्र वैध रहेंगे; अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा।

पेपर लीक का तारतम्य: नाशिक से जयपुर तक नेटवर्क

जांच के अनुसार, पेपर लीक नाशिक (महाराष्ट्र) से शुरू हुआ। शुभम खैरनार नामक व्यक्ति ने प्रश्न पत्र यश यादव (गुरुग्राम) को साझा किया, जिसने इसे राजस्थान के बिवाल परिवार को पहुंचाया। परिवार के सदस्यों ने कथित तौर पर 15-30 लाख रुपये देकर “गेस पेपर” (जिसमें 120+ प्रश्न मैच कर रहे थे) हासिल किया और सिकर के कोचिंग हब्स में इसे बेचा। WhatsApp और टेलीग्राम ग्रुप्स के जरिए यह 45 घंटे पहले तक फैला।

CBI ने Dinesh Biwal (BJP युवा मोर्चा से जुड़े), उनके भाई Mangilal Biwal और Mangilal के बेटे Vikas Biwal सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया। परिवार के पांच सदस्यों ने 2025 में NEET क्रैक किया था और मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन लिया। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि यह परिवार 2024 और 2025 में भी अनुचित साधनों का इस्तेमाल कर सफल हुआ। CBI अब पूरे नेटवर्क, बड़े खिलाड़ियों और पिछले वर्षों की संभावित कमियों की जांच कर रही है।

छात्रों पर असर और प्रतिक्रियाएं

इस फैसले से 22 लाख से अधिक मेडिकल aspirants प्रभावित हुए हैं। कई छात्रों ने फाइनेंशियल नुकसान, मानसिक तनाव और आत्महत्या की घटनाओं की शिकायत की। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “एग्जाम माफिया के खिलाफ यह कदम छात्रों के भविष्य की रक्षा के लिए उठाया गया।” NTA ने री-एग्जाम में उच्च सुरक्षा का वादा किया है, जिसमें GPS ट्रैकिंग, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, AI CCTV और 5G जैमर्स शामिल होंगे। विपक्षी दल और छात्र संगठन NTA की बार-बार विफलताओं पर सवाल उठा रहे हैं। 2024 के घोटाले के बाद भी सुधार न होने पर आलोचना तेज हो गई है।

आगे क्या?

NTA नए एडमिट कार्ड जारी करेगा और री-एग्जाम के लिए केंद्रों की पुष्टि करेगा। CBI जांच जारी है; अधिक गिरफ्तारियां और बड़े खुलासे की उम्मीद है। छात्रों से अपील की गई है कि अफवाहों से बचें और तैयारी जारी रखें। यह घटना भारत की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता पर फिर सवाल खड़ा करती है। NTA और सरकार को अब पारदर्शी, लीक-प्रूफ सिस्टम सुनिश्चित करना होगा ताकि लाखों ईमानदार छात्रों के सपने बिखरने न पाएं।

यह भी पढ़ें: NEET-UG 2026 री-एग्जाम का एलान, 21 जून को फिर होगी मेडिकल प्रवेश परीक्षा

यहां से शेयर करें