Mobile Recovery: चेहरे पर आई मुस्कान! नोएडा पुलिस ने 10 राज्यों से ट्रेस कर लौटाए 50 लाख के 225 मोबाइल

Mobile Recovery: नोएडा (गौतमबुद्ध नगर)। भीड़भाड़ वाले बाजार, सड़क, ऑटो, बस, मेट्रो या ई-रिक्शा में मोबाइल खोने के बाद उम्मीद छोड़ चुके लोगों के लिए नोएडा पुलिस ने बड़ी राहत की खबर दी है। पुलिस कमिश्नरेट की सर्विलांस/CEIR/CCTNS सेल और थाना सेक्टर-39 की संयुक्त टीम ने पिछले तीन महीने में कुल 225 कीमती स्मार्टफोन बरामद कर उनके असली मालिकों को वापस लौटा दिए हैं। इन फोनों की अनुमानित बाजार कीमत करीब 50 लाख रुपये है।

एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि कमिश्नरेट के विभिन्न थाना क्षेत्रों में मोबाइल गुम होने की शिकायतें दर्ज थीं। ये फोन बाजारों, सब्जी मंडियों, ऑटो-बस-मेट्रो यात्रा के दौरान, शादी-समारोहों, पार्कों में टहलते समय या धार्मिक स्थलों पर छूटने अथवा जेब से गिरने के कारण गुम हुए थे। पुलिस ने CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल और सर्विलांस तकनीक की मदद से इन मोबाइल्स को ट्रेस किया।

तकनीकी जांच के बाद मोबाइल के IMEI नंबरों के जरिए लोकेशन और इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी जुटाई गई। इसके बाद पुलिस ने फोन बरामद कर मालिकों की पहचान की और उन्हें सौंप दिए। दिलचस्प बात यह है कि ये 225 मोबाइल फोन पंजाब, गुजरात, राजस्थान, दिल्ली, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड समेत देश के 10 से अधिक राज्यों के अलग-अलग जिलों से बरामद किए गए।

अकेले सेक्टर-39 ने बरामद किए 44 फोन
इस अभियान में थाना सेक्टर-39 पुलिस का विशेष योगदान रहा। अकेले इस थाने ने 44 मोबाइल फोन बरामद किए। पुलिस के अनुसार, अलग-अलग कंपनियों के ये स्मार्टफोन लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण थे। फोन हाथ में आते ही मालिकों के चेहरे पर खुशी साफ नजर आई। कई लोगों ने बताया कि एक साल पहले लूटे गए या गुम हुए फोन आज वापस मिलने से उन्हें बहुत राहत मिली है। लोगों ने पुलिस टीम का आभार जताया और कार्रवाई की सराहना की।

पुलिस आयुक्त गौतमबुद्ध नगर के निर्देशन तथा पुलिस उपायुक्त और अपर पुलिस उपायुक्त नोएडा के पर्यवेक्षण में यह अभियान चलाया गया। पुलिस का कहना है कि गुम या चोरी हुए मोबाइल को बरामद करने के लिए तकनीकी माध्यमों से लगातार कार्रवाई जारी है। नागरिकों से अपील की गई है कि मोबाइल खोने या चोरी होने पर तुरंत थाने में शिकायत दर्ज कराएं और CEIR पोर्टल पर फोन ब्लॉक करवाएं, ताकि उसे आसानी से ट्रेस किया जा सके। यह सफलता नोएडा पुलिस की तकनीकी दक्षता और लगातार प्रयासों को रेखांकित करती है। फोन वापस पाकर खुश मालिकों के चेहरे देखकर पुलिस टीम भी संतुष्ट नजर आई।

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